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Toxic Air increase Heart Attack Risk : दिल्ली में मध्यम गति की हवा चलने के कारण स्मॉग से हल्की राहत मिली है। बताया जा रहा है कि बुधवार को AQI में आंशिक रूप से सुधार हुआ है। इससे आसमान साफ और हल्की सी गुनगुनी धूप भी निकली है। बुधवार को पिछले दिन के मुकाबले AQI में 40 अंकों की गिरावट हुई। हालांकि, अभी भी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब श्रेणी’ पर ही है। ऐसा बताया जा रहा है कि अभी भी अगले तीन दिनों तक दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है। बढ़ते प्रदूषण की वजह से हवा काफी ज्यादा जहरीली हो रही है, जिसकी वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियां हो रही हैं, जिसमें हार्ट अटैक का खतरा भी शामिल है। आइए जानते हैं प्रदूषण से कैसे बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा और किस तरह रहें सुरक्षित?
आज सुबह दिल्ली का AQI लगभग 351 दर्ज किया गया है। वहीं, इसके आसपास के इलाकों का प्रदूषण स्तर भी काफी खराब दर्ज किया गया है, जैसे-
गाजियाबाद - 314
भिवंडी - 306
दुर्गापुर - 303
अमृतसर - 370
पानीपत - 309
पटियाला - 279
लुधियाना - 270
फरीदाबाद - 269
दिल्ली में आज के समय प्रदूषण काफी बड़ी समस्या हो चुकी है, जिसकी वजह से इस हवा को लेकर कई तरह के अध्ययन चल रहे हैं। एम्स में हुए दो अध्ययन के मुताबिक, जहरीली हवा के कारण लोगों के शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही है, जिसकी वजह से हार्ट डिजीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
इस बारे में मीडिया को एम्स के हार्मोन डिजीज विभाग के प्रोफेसर ने बताया कि पहले हुए एक अध्ययन में भी यह बात सामने आई थी कि दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण अधिक होने की वजह से लोगों में विटामिन डी की कमी अधिक होने लगी थी। ऐसे में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ रहा है।
डॉ गोस्वामी ने दिल्ली में हुए अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि जो लोग ऑफिस जाते हैं, उन्हें सबसे अधिक परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि फेरी वाले, ट्रैफिक पुलिस इत्यादि लोगों को बाहर लंबे खुले में रहते हैं, जिसकी वजह से उनके शरीर में विटामिन डी पर्याप्त रूप से देखी गई है। वहीं, ऑफिस के अंदर बैठकर काम करने वाले जैसे- बैंक कर्मी इत्यादि में विटामिन डी की कमी देखी गई है।
AIIMS के प्रोफेसर राकेश यादव ने एक रिसर्च का हवाला देते हुए कहा का छोटे आकार के प्रदूषण कण पीए 2.5 का स्तर हर 10 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर बढ़ने की वजह से लोगों में हार्ट अटैक का खतरा 2.5 प्रतिशत बढ़ रहा है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण के कारण धमनियों में प्लाक बनना, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज इत्यादि का खतरा भी बढ़ रहा है।