दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की मार जारी, AQI पहुंचा 400 के पार, गुरुग्राम में कराई गई आर्टिफिशियल बारिश

Delhi Pollution: दिल्ली की आबोहवा लगातार 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। शुक्रवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 383 दर्ज किया गया है। वहीं, गुरुग्राम में प्रदूषण से निपटने के लिए आर्टिफिशियल बारिश कराई गई।

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Written By: priya mishra | Updated : November 8, 2024 12:10 PM IST

Delhi Air Quality: पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आबोहवा 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। आज यानी शुक्रवार को दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया है। 8 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 383 दर्ज किया गया, जिसकी वजह से लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो चुका है। वहीं कई इलाकों में AQI 400 के ऊपर चल रहा है। दिल्ली में आनंद विहार का 416, अशोक विहार का 420, जहांगीरपुरी का 439, पंजाबी बाग का 405, रोहिणी का 440, नेहरू नगर का 412 और न्यू मोती बाग का 429, AQI रहा।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तक हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' रहने की संभावना है।

गुरुग्राम में कराई गई आर्टिफिशियल बारिश

बढ़ते प्रदूषण के बीच गुरुवार को गुरुग्राम के सेक्टर-82 स्थित डीएलएफ परिसर में कृत्रिम बारिश कराई गई। सोसायटी के आरडब्ल्यूए ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 32 मंजिला ऊंची इमारतों की फायर लाइनों से स्प्रिंकलर का उपयोग करके कृत्रिम बारिश कराई। वहीं, बीते बुधवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए इस महीने क्लाउड सीडिंग के जरिए कृत्रिम बारिश कराने की योजना बना रही है।

अस्पतालों में बढ़े मरीज

तेजी से खराब हो रही हवा की वजह से अस्पतालों में भीड़ बढ़ने लगी है। अस्पतालों की ओपीडी में सांस, त्वचा, आंख इत्यादि संबंधी परेशानियां लेकर लोग पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार सलाह दे रहे हैं कि जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, उन्हें जहरीली हवा के संपर्क में आने से बचने की सलाह दे रहे हैं। खासतौर पर, बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज, 5 साल से कम उम्र के बच्चे और ज्यादातर समय खुले वातावरण में रहने वाले लोग जैसे- ऑटो चालक, रिक्शा चालक इत्यादि को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

इन बातों का रखें ख्याल

  • हवा खराब होने पर एन95 मास्क का इस्तेमाल करें।
  • सुबह के समय वॉक पर न जाएं।
  • घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
  • घर की खिड़कियों में गीले कपड़ों का इस्तेमाल करें।
  • सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें ताकि प्रदूषण कम किया जा सकें।
  • निर्माण स्थलों पर जाने से बचें।
  • प्रदूषण ज्यादा होने पर घर के दरवाजे और खिड़कियों को बंद रखें।
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