दिल्ली में अभी से दमघोंटू हो रही है हवा, AQI 350 पार

Delhi air quality worsens AQI recording worst at 345: दिल्ली में अभी से वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है । आनंद विहार में AQI 351 तक पहुंच गया है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : October 15, 2025 6:00 PM IST

Delhi air quality worsens AQI recording worst at 345: दिवाली का त्यौहार अभी दूर है, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली की हवा अभी से दमघोंटू होती जा रही है। बुधवार को दिल्ली के आनंद विहार का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सबसे ज्यादा दर्ज किया है। दिल्ली में आनंद विहार इलाके में AQI 350 के पार जा चुका है। आनंद विहार के अलावा अलीपुर में 211, शादीपुर में 235, सिरी फोर्ट में 223, आरके पुरम में 209, मथुरा रोड़ में 298, आईजीआई एयरपोर्ट में 238, अशोक विहार में 215, जहांगीरपुरी में 257, रोहिणी में 223, द्वारका सेक्टर 8 में 273, पपड़गंज में 230, विवेक विहार में 226, नरेला में 209, ओखला फेस-2 में 225, बवाना में 251, मुंडका में 220, चांदनी चौक में 256 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 201 AQI दर्ज किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, जहरीली हवा के कारण दिल्ली के ज्यादातर इलाकों की हालात खराब है।

दिल्ली में लागू किया GRAP

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-1 को लागू कर दिया है। इस नियम के लागू होने के बाद दिल्ली में कंस्ट्रक्शन साइट पर धूल उड़ने से रोकने के उपाय करना जरूरी है। वहीं, 500 SQM से ऊपर भी नई कंस्ट्रक्शन साइट को अनुमति नहीं दी जाएगी। अभी दिल्ली के जिन इलाकों में झाडू और अन्य धूल उड़ाने वाली चीजों से सफाई की जा रही थी, वहां पर मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा।

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण

दिल्ली में एयर प्रदूषण के कई स्रोत हैं जो मिलकर स्थिति को गंभीर बनाते हैं:

- दिल्ली में हर दिन लाखों वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं। डीजल और पेट्रोल से चलने वाले इन वाहनों से निकलने वाला धुआं PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कणों को हवा में घोल देता है। ये कण सांस के जरिए फेफड़ों में जाकर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं।

- हर साल सर्दियों से पहले हरियाणा और पंजाब में पराली (फसल का ठूंठ) जलाया जाता है। यह धुआं हवा के साथ दिल्ली में पहुंचता है और प्रदूषण के स्तरको कई गुना बढ़ा देता है। यह एक मौसमी लेकिन बेहद गंभीर समस्या बन चुकी है।

- दिल्ली में लगातार निर्माण कार्य चलते रहते हैं- बड़े प्रोजेक्ट्स, मेट्रो विस्तार, सड़कों की मरम्मत आदि। इनसे उठने वाली धूल और मिट्टी हवा में मिलकर प्रदूषण का बड़ा कारण बनती है।

- दिल्ली के आसपास फैली औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और गैसें भी हवा को जहरीला बनाती हैं।

प्रदूषण के लिए दिल्ली सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम

दिल्ली सरकार और संस्थानों द्वारा उठाए जा रहे कदम

Delhi Government और अन्य एजेंसियां प्रदूषण से निपटने के लिए कई कदम उठाती हैं, जिनमें शामिल हैं:

ऑड-ईवन योजना:  सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने के लिए। इस योजन के तहत एक दिन ऑड नंबरकी गाड़ी सड़क पर चलती है, तो दूसरे दिन ईवन नंबर की गाड़ियां।

निर्माण कार्यों पर रोक: अत्यधिक प्रदूषण के समय कई निर्माण प्रोजेक्ट्स को अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है।

एंटी-स्मॉग गन: दिल्ली की हवा में धूल को कम करने के लिए ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों पर एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाता है।

पराली प्रबंधन: किसानों को पराली जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इसके अलावा Central Pollution Control Board (CPCB) और अन्य एजेंसियां भी वायु गुणवत्ता की लगातार निगरानी करती हैं।

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