दिल्ली में एयर पॉल्युशन रोकने के लिए बड़ा फैसला, 50 प्रतिशत लोगों को घर से काम करने के निर्देश

लोगों को वायु प्रदूषण से बचाने और सड़क पर ट्रैफिक को कम करने के लिए ऑफिस आने-जाने वालों को कुछ निर्देश दिए गए हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : November 20, 2024 7:59 PM IST

Air pollution in Delhi update today: वायु प्रदूषण के संकट से गुजर रही राजधानी दिल्ली (Delhi Air Pollution) और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को प्रदूषित हवा के सम्पर्क में आने से बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार द्वारा लिए गए एक फैसले के अनुसार, गुरुवार 21 नवंबर से केवल 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को ऑफिस आना होगा जबकि, बाकी के 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) या घर से काम करने की अनुमति दी जा रही है। बता दें कि, दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण और GRAP-4 लागू होने के बाद यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर पालिका (MCD)  की जरूरी सेवाओं के अलावा अन्य सभी डिपार्टमेंट्स के दफ्तरों में केवल कर्मचारियों में से केवल 50 प्रतिशत को ही ऑफिस आने की जरूरत होगी। वहीं, दिल्ली सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे भी केवल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ऑफिस का दैनिक काम करवाएं और बाकी 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने दें। (Work from home instructions for office goers in Delhi)

बुधवार को दिल्ली का AQI रहा 426

दिल्ली में वायु प्रदूषण के लेवल को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ ऑफिस मे काम करने का निर्णय लिया गया जबकि, दफ्तर के आने-जाने का समय में भी बदलाव किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को भी हवा में प्रदूषण का स्तर अधिक रहा। बुधवार को हवा का AQI 426 रिकॉर्ड किया गया।

कम्पनियों को दी गयीं गाइडलाइंस

इसके साथ ही कम्पनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने ऑफिस शुरू करने की टाइमिंग्स सवेरे 10.30 बजे के बाद की करें। इससे सुबह पीक ऑवर के ट्रैफिक को कम करने में भी मदद होगी और लोगों को भी प्रदूषण से बचाने में सहायता हो सकेगी।

इसके अलावा बड़ी कम्पनियों द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए बस का इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इससे सड़क पर प्राइवेट गाड़ियां कम संख्या में निकल सकेंगी और गाड़ियों से होनेवाले प्रदूषण को कम करने में सहायता हो सकेगी।