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दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण की चादर में लिपट गई है। दिल्ली में प्रदूषण का हाल ये है कि यहां कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार जा चुका है। दिल्ली में प्रदूषण की वजह से लोगों को कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। इन समस्याओं में सबसे ऊपर है आंखों की परेशानी। राजधानी में प्रदूषण की वजह से लोगों को आंखों में जलन, चुभन, आंखों से पानी आना और ड्राई आंखों जैसी परेशानी हो रही है। जहरीली हवा की वजह से सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में 60 फीसदी आंखों के मरीज बढ़े हैं।
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया, एम्स, संजय गांधी मेमोरियल, डॉ. भीम राव अंबेडकर अस्पताल में ओपीडी में ज्यादातर मरीज आंखों में एलर्जी, सूखापन, तेज जलन और आंखों से लगातार पानी आने की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। प्रदूषण के कारण होने वाली आंखों की परेशानी बुजुर्गों और बच्चों में देखी जा रही है।
एम्स के आरपी सेंटर फॉर नेत्र रोगों के प्रोफेसर डॉ. राजेश सिन्हा ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को आंखों के लिए खतरे की घंटी बताया है। डॉक्टर बताते हैं कि दिवाली के बाद ओपीडी में आंखों की परेशानी के मरीज 60 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुके हैं। दिवाली से पहले आंखों से जुड़ी बीमारी के मरीज 30 से 40 आते थे, लेकिन प्रदूषण बढ़ने के कारण आंखों की बीमारी के मरीजों की संख्या 100 तक पहुंच गई है।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित रतन ज्योति नेत्रालय के संस्थापक व मेडिकल डायरेक्टर डॉ. पुरेन्द्र भसीन का कहना है कि दिल्ली की प्रदूषित हवा में रहने वाले लोगों में आंखों की समस्या होना आम बात है। जब प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण पीएम2.5 आंखों में पहुंचते हैं तो इससे कॉर्निया में सूजन, जलन, खुजली और लालिमा जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। जो लोग लंबे समय तक प्रदूषण में रहते हैं, उनमें ड्राई आई सिंड्रोम और एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में यह दिक्कत और भी ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि उनकी आंखें ज्यादा सेंसेटिव होती है।
1. सूरज की किरणों और धूल से बचें: बाहर निकलते समय सनग्लासेज या चश्मा जरूर पहनें ताकि हवा में मौजूद धूल और धुआं आंखों में न जा सके।
2. आंखों की सफाई करें: घर लौटने के बाद साफ पानी से आंखों को धोएं। इससे प्रदूषक कण बाहर निकल जाते हैं।
3. पर्याप्त पानी पिएं: शरीर को हाइड्रेटेड रखने से आंखों में नमी बनी रहती है।
4. घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें: इससे घर की हवा साफ रहती है और आंखों पर प्रदूषण का असर कम होता है।
5. आई ड्रॉप का प्रयोग करें:डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का उपयोग करें ताकि आंखों की ड्राईनेस और जलन से राहत मिल सके।