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Written By: IANS | Published : February 28, 2019 9:02 PM IST
बासी या खराब गुणवत्ता का खाना किसी को भी बीमार कर सकता है, जिसे फूड प्वायजनिंग कहा जाता है। ©Shutterstock.
बिहार के नालंदा जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र में गुरुवार को कथित तौर पर विषाक्त भोजन खाने से एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई और परिवार के अन्य पांच सदस्य बीमार हो गए। एकंगरसराय के थाना प्रभारी दिनेश राज ने कहा कि रसलपुर गांव निवासी परमानंद रविदास के घर बुधवार को खाने में सब्जी-चावल बना था।
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इसमें से बची चावल-सब्जी को गुरुवार को भी परिवार के सभी सदस्यों ने खाया। खाना खाने के बाद ही सभी लोग पेट दर्द और उल्टी की शिकायत करने लगे। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से सभी को एकंगरसराय के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि इलाज के दौरान परामानंद के पुत्र अंकित (5) की मौत हो गई, जबकि अन्य पांच लोगों का इलाज चल रहा है।
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पुलिस प्रथम दृष्टया मौत का कारण विषाक्त भोजन बता रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है तथा पूरे मामले की जांच कर रही है।
खराब खाने से हो सकती है फूड प्वायजनिंग
बासी या खराब गुणवत्ता का खाना किसी को भी बीमार कर सकता है, जिसे फूड प्वायजनिंग कहा जाता है। हालांकि यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों में फूडप्वाइजनिंग के गंभीर जोखिम हो सकते हैं। इस मामले में लापरवाही करना भविष्य में पेट संबन्धी गम्भीर बीमारियों का संकट भी ला सकता है। इसलिए जरूरी है कि इस बीमारी के बारे में आपको पूरी जानकारी हो जिससे समय रहते या शुरुआती दौर में इस पर काबू पा सकें।
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