दोपहर में एक घंटे से ज़्यादा सोना हो सकता है जानलेवा, बढ़ सकती हैं दिल की बीमारियां, रिसर्च में खुलासा

अधिकांश लोगों को दोपहर के समय थोड़ी देर सोने में कोई  बुराई नज़र नहीं आती है। इसीलिए, वे सुस्ती दूर करने और फ्रेश महसूस करने के लिए एक झपकी ले लेते हैं। लेकिन, दोपहर में ज़्यादा देर सोने से मौत भी हो सकती है। हाल ही में सामने आयी एक रिसर्च में कुछ इसी तरह का दावा किया गया है।  (Daytime Napping Side Effects in Hindi)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 26, 2020 6:43 PM IST

Daytime Napping Side Effects: दोपहर में लंच के बाद लोग अक्सर सोना पसंद करते हैं। अधिकांश लोगों को  इस तरह दोपहर के समय थोड़ी देर सोने में कोई  बुराई नज़र नहीं आती है। इसीलिए, वे सुस्ती दूर करने और फ्रेश महसूस करने के लिए एक झपकी ले लेते हैं। लेकिन, दोपहर में ज़्यादा देर सोने से मौत भी हो सकती है। हाल ही में सामने आयी एक रिसर्च में कुछ इसी तरह का दावा किया गया है।  (Daytime Napping Side Effects in Hindi)

इस रिसर्च पेपर के परिणामों के आधार पर वैज्ञानिक ऐसा कह रहे हैं कि,  दिन में  एक घंटे से अधिक समय तक के लिए सोना दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ा देता है और इससे मौत होने की भी संभावना अधिक हो जाती है। ईएससी कांग्रेस 2020 द डिजिटल एक्सपीरियंस में प्रकाशित इस शोध में दोपहर के वक्त झपकी लेने और दिल की बीमारी व मौत होने के जोखिम के बीच रिश्ते के बारे में बताया गया है।

दोपहर में लंबी नींद से दिल की बीमारी, मौत का खतरा (Daytime Napping Side Effects)

इस रिसर्च के लिए  20 से अधिक पुराने रिसर्च पेपर और उनमें हिस्सा ले रहे  कुल 3,13,651 प्रतिभागियों की सोने से जुड़ी आदतों और सेहत पर ध्यान दिया गया।  इन रिसर्च में हिस्सा ले रहे लोगों में से  लगभग 39 प्रतिशक लोगों को दोपहर के वक्त सोने की आदत थी।

चीन में स्थित ग्वांगझोउ यूनिवर्सिटी में आयोजित इस रिसर्च के  लेखक डॉ. झे पान ने कहा, "दिन में सोना पूरी दुनिया में  बहुत ही कॉमन सी आदात है और सामान्यत: इसे सेहत के लिए बेहतर माना जाता है।"

दोपहर की नींद से जुड़ी जानकारियां देते हुए उन्होंने आगे कहा, "आमतौर पर यह समझा जाता है कि दोपहर में या दिन के समय झपकी लेने से काम करने की क्षमता में सुधार आता है और नींद की कमी से होने वाले नुकसानों का भी असर कम होता । लेकिन, हमारे रिसर्च में इन दोनों ही विचारों को चुनौती दी गई है।" रिसर्च में यह पाया गया कि

  • 60 मिनट से अधिक समय तक सोने से दिल की बीमारी होने और मौत का खतरा उन लोगों की तुलना में 30 फीसदी तक बढ़ जाता है जो नहीं सोते हैं।
  • अगर रात में सोने की बात करें, तो यह खतरा उनमें अधिक रहता है जो रोजाना रात को छह घंटे से अधिक सोते हैं।
  • हालांकि, दोपहर के वक्त 60 मिनट से कम समय तक सोने से दिल की बीमारी के होने का खतरा नहीं रहता है।

रिसर्च के नतीज़ों को ध्यान में रखते हुए डॉ. पैन कहते हैं, "रिसर्च के परिणामों से पता चलता है कि दोपहर में 30 से 45 मिनट तक सोने से उन लोगों के दिल की सेहत सुधरती है, जो रात में पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पाते हैं।"

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