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सेहतमंद रहने के लिए एक संतुलित आहार का सेवन बेहद जरूरी है और दूध और दूध से बनी हुई चीजों के बिना हम अपनी डाइट में ये संतुलन पैदा नहीं कर सकते। लेकिन हाल ही में आया एक शोध बताता है कि डेयरी प्रोडक्ट्स का ज्यादा सेवन करना कैंसर को ट्रिगर कर सकता है। दरअसल, BMC Medicine जर्नल में प्रकाशित इस शोध की मानें तो, डेयरी उत्पादों का सेवन कैंसर को ट्रिगर कर सकता है। इस शोध में बताया गया है कि डेयरी उत्पाद लिवर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर औप प्रोस्टेट कैंसर के उच्च जोखिम से जुड़े हो सकते हैं। अब, चीनी में कैंसर और डेयरी प्रोडक्ट्स के बीच क्या लिंक है, इसे लेकर एक शोध किया गया है। बताया गया है कि वयस्कों में डेयरी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल और कैंसर के जोखिम की जांच के लिए पहले बड़े अध्ययन में पाया गया है कि डेयरी प्रोडक्ट्स का ज्यादा सेवन से लिवर कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है। वो कैसे, तो आइए विस्तार से जानते हैं क्या कहती है यह स्टडी।
BMC Medicine जर्नल में छपा ये शोध बताता है कि कैसे डेयरी प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले कुछ हार्मोन हमारे शरीर के हार्मोन के साथ गड़बड़ी पैदा करते हैं और फिर कैंसर का खतरा पैदा करते हैं। इसके अलावा कुछ शोध ये भी बताते हैं प्रोस्टेट कैंसर के खतरे पर डेयरी या कैल्शियम का सीधा प्रभाव पड़ता है या नहीं। यह देखा गया है कि डेयरी उत्पादों का कैल्शियम प्रोस्टेट कैंसर के विकास के जोखिम से सकारात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और यह देखा गया है कि कम वसा वाले दूध का सेवन रोग के गैर-आक्रामक रूप के अधिक जोखिम से जुड़ा था।
ज्यादा फैट वाले डेयरी उत्पादों में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर ज्यादा होता है जो कि महिलाओं में हार्मोन गड़बड़ियां पैदा कर सकता हैं औक एस्ट्रोजन बढ़ने के कारण होने वाले ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकते हैं। इससे पता चलता है कि लो फैट वाले डेयरी उत्पाद उन महिलाओं के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं जिन्हें स्तन कैंसर, विशेष रूप से हार्मोन-रिसेप्टर-पॉजिटिव स्तन कैंसर का पता चला है।
डेयरी उत्पादों का ज्यादा सेवन, इंसुलिन जैसे विकास कारक- I (IGF-I) के स्तर को बढ़ा सकती है, जो कोशिका प्रसार को बढ़ावा देता है और कई प्रकार के कैंसर के लिए उच्च जोखिम से जुड़ा हुआ है। संभावित रूप से, गाय के दूध में मौजूद महिला सेक्स हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन की स्तन कैंसर के बढ़ते जोखिम में भूमिका हो सकती है, जबकि डेयरी उत्पादों से संतृप्त (saturated fat) और ट्रांस-फैटी एसिड लिवर कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
कैंसर के जोखिम को प्रभावित करने में आहार की भूमिका विवादास्पद है, हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अभी इस पर और गहन शोध करने की जरूरत है और आगे वे इस पर और काम करेंगे।