Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

कैंसर, मिरगी के उपचार के लिए सीएसआर भांग पर कर रही शोध

विस्‍तृत शोध एवं रिसर्च के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार से शोध कार्यक्रम का संचालन करने का लाइसेंस मिला है।

कैंसर, मिरगी के उपचार के लिए सीएसआर भांग पर कर रही शोध
विस्‍तृत शोध एवं रिसर्च के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार से शोध कार्यक्रम का संचालन करने का लाइसेंस मिला है। © Shutterstock.

Written by IANS |Published : November 24, 2018 1:09 PM IST

वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) कैंसर, मिरगी और सिकल सेल एनीमिया (खून की कमी) जैसे रोगों के उपचार के लिए भांग के औषधीय उपयोग पर शोध कर रही है। सीएसआईआर और भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान (आईआईआईएम) के निदेशक राम विश्वकर्मा ने शुक्रवार को यहां कहा, "हमें जम्मू-कश्मीर सरकार से शोध कार्यक्रम का संचालन करने का लाइसेंस मिला है। हमने इसपर पहले ही काम शुरू कर दिया है। मानव पर ड्रग के रूप में भांग के उपयोग की अनुमति के लिए जल्द ही हम भारत के ड्रग महानियंत्रक (डीसीजीआई) से मिलेंगे।"

यह भी पढ़ें - एचआईवी से ग्रस्‍त 9.4 मिलियन लोग अपनी बीमारी से हैं अनजान : यूएनएड्स रिपोर्ट

बांबे हेंप कंपनी (बोहेको) के सहयोग से सीएसआईआर-आईआईएम को भांग उगाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अप्रैल 2017 में लाइसेंस जारी किया था।

Also Read

More News

उन्होंने कहा कि प्राथमिक तौर पर भांग से प्राप्त औषधि का परीक्षण सबसे पहले मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल में किया जाएगा।

यह भी पढ़ें – चेस्ट वाल की बीमारी से जूझ रहे इराकी लड़के को मिला नया जीवन

मददगार हो सकती हैं इससे निर्मित दवाएं

बांबे हेंप कंपनी (बोहेको) वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान (आईआईआईएम) की ओर से यहां आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर आईएएनएस से बातचीत में जमास ने कहा, "भांग में टेट्रा हाइड्रो कैनाबिनोल (टीएचसी) नामक एक रसायन होता है, जिससे नशा होता है। इसके अलावा भांग में सारे औषधीय गुण होते हैं।

यह भी पढ़ें – स्‍पर्म के बारे में ये सवाल, जो ज्‍यादातर कपल जानना चाहते हैं

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

उन्होंने कहा, "टीएचसी का उपयोग दर्द निवारक दवाओं में किया जाता है, जो कैंसर से पीड़ित मरीजों को दर्द से राहत दिलाने में असरदार होती है।"

About the Author

... Read More