... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Published : June 23, 2022 2:27 PM IST
6 महीने से 4 साल के बच्चों को कोविड वैक्सीन लगना शुरू! जानें कौन सी वैक्सीन दे रही बच्चों को जल्दी और तेज सुरक्षा
खुशखबरी! सबसे छोटे बच्चों के लिए कोविड वैक्सीन आई गई है। इस सप्ताह अमेरिका में 6 महीने के नवजात बच्चों को कोविड वैक्सीन लगाने का प्रोग्राम शुरू हो चुका है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा बीते सप्ताहांत वैक्सीन को अंतिम मंजूरी प्रदान किए जाने के बाद अमेरिका में ये प्रोग्राम शुरू हुआ है। आइए जानते हैं कौन सी वैक्सीन बच्चों को लगाई जा रही है और कितने समय पर लगेंगी डोज।
बच्चों के माता-पिता और देखभाल करने वाले लोगों को दो अलग-अलग वैक्सीन ब्रांड में से किसी एक को चुनना होगा। परिजनों के सामने फाइजर और माडर्नाके रूप में दो विकल्प होंगे। दोनों ही वैक्सीन काम करती हैं लेकिन दोनों वैक्सीन एक जैसी बिल्कुल नहीं हैं।
फाइजर की कोविड वैक्सीन में तीन डोज लगाई जाएंगी, जिसमें mRNA की बहुत कम डोज का प्रयोग किया गया है और इसके बहुत ही कम साइड-इफेक्ट्स हैं। जबकि माडर्ना वैक्सीन की दो डोज लगाई जाएंगी। ये वैक्सीन बहुत कम समय में काम करने वाली वैक्सीन है।
फाइजर की वैक्सीन की तीन डोज लगेंगी जबकि माडर्ना की दो डोज लगाई जाएंगी
फाइजर की तीनों डोज को तीन महीने के भीतर लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि एक बच्चा तीन महीने में पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड होगा। जबकि माडर्ना की दोनों डोज एक महीने के भीतर लगेंगी और बच्चा एक महीने में पूर्ण रूप से वैक्सीनेटेड होगा।
फाइजर वैक्सीन की एक डोज में 3 माइक्रोग्राम mRNA होगा जबकि माडर्ना वैक्सीन की एक डोज में 25 माइक्रोग्राम mRNA होगा।
फाइजर वैक्सीन की तीसरी डोज लेने के 70 से 125 दिन बाद ये काम करती है। जबकि माडर्ना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के 10 से 40 दिन बाद ये काम करना शुरू कर देती है ।
फाइजर की वैक्सीन 6 महीने से लेकर 4 साल के बच्चों के लिए है तो माडर्ना की वैक्सीन 6 महीने से लेकर 5 साल के बच्चों के लिए है।
ये डेटा वैक्सीन ट्रायल पर आधारित है, जिसे इन दोनों दवा निर्माता कंपनियों ने मंजूरी प्राप्त करने के बाद साझा किया है। माडर्ना ने 5 हजार से ज्यादा बच्चों पर अपनी लो डोज वैक्सीन टेस्ट की है जबकि फाइजर ने 3 हजार से ज्यादा बच्चों पर ये ट्रयाल किया है।
बहुत से डॉक्टर्स और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ माडर्ना वैक्सीन को तवज्जो दे रहे हैं और इस वैक्सीन को लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिसके पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि माडर्ना, फाइजर के मुकाबले जल्दी काम करना शुरू कर देती है।