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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 24, 2022 1:42 PM IST
कोविड वैक्सीन ने भारत में पहले साल बचाई थी 42 लाख जान, स्टडी में खुलासा कितनी कारगर साबित हुई थी वैक्सीन
हम सभी जानते हैं कोविड वैक्सीन लगवाने से बीमारी के गंभीर रूप से बचने और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना काफी कम हो जाती है। हाल ही में द लांसेट इंफेक्शियस डिजीज में प्रकाशित एक अध्ययन में ये सामने आया है कि दुनियाभर में कोविड वैक्सीन ने वैक्सीन प्रोग्राम के पहले साल में संभावित रूप से 3.14 करोड़ मौतों में से 1.98 करोड़ लोगों की मृत्यु को रोकने का काम किया है। इस अध्ययन में ये भी सामने आया है कि अकेले भारत में 42.10 लाख लोगों की कोविड वैक्सीन से जान बची।
इस अध्ययन में ये अनुमान लगाया कि 8 दिसंबर 2020 से 8 दिसंबर 2021 के बीच कितनी लोगों को जान को बचाया गया। ये अवधि उस वक्त की है, जब भारत में पहले साल लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही थी। इंपीरियल कॉलेज लंदन के प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेख डॉ. ओलिवर वॉटसन ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में बताया कि वैक्सीन लगाए जाने से पहले साल में करीब 42.10 लाख लोगों की जान बचाई जा सकी।
उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन का ये प्रभाव अभूतपूर्व है, खासकर भारत में, जो कि ऐसा पहला देश है, जहां डेल्टा वेरिएंट का प्रभाव सबसे पहले देखा गया था।
वॉटसन का कहना है कि ये अनुमान कोविड काल के दौरान भारत में होने वाले मृत्युदर के अनुमान पर आधारित हैं, जिसका सोर्स अर्थशास्त्रियों से लिया गया और ये डब्लूएचओ द्वारा दिए अनुमान के ठीक समान थे। उन्होंने कहा कि हमारे समूह ने स्वतंत्र रूप से कोविड के कारण होने वाली मृत्युदर की भी जांच की। इसके अलावा हमारे समूह ने सीरोदर सर्वे और उसी समय अधिकारियों से प्राप्त होने वाले आंकड़ों का भी विश्लेषण किया।
भारत में वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत जनवरी 2021 से हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अभी तक कुल मिलाकर 196.62 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। भारत में चलने वाला वैक्सीनेशनअभियान दुनिया के सबसे तेज वैक्सीनेशन प्रोग्राम है। इसके अलावा अभी तक 65 फीसदी आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं।
ये डेटा 185 अलग-अलग देशों से लिया गया है। डेटा के मुताबिक उच्च और मध्यम आय वाले देशों में सबसे ज्यादा लोगों की जान बचाई गई। इन देशों से 1.98 करोड़ लोगों में 1.22 करोड़ की जान बचाई गई, जो कि दुनिया में असमानता को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर डब्ल्यूएचओ 2021 के अंत तक हर देश में 40% आबादी को वैक्सीन लगाने के लक्ष्य को पूरा कर लेता तो और 5.99 लाख लोगों की जान बचाई जा सकती थी। दुनिया भर में वैक्सीन प्रोग्राम की तेज गति के बावजूद, दिसंबर 2020 में पहली वैक्सीन दिए जाने के बाद अब तक 35 लाख से अधिक लोगों की मौत कोविड -19 से हो चुकी है।