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Written By: Jitendra Gupta | Published : January 31, 2023 9:52 AM IST
कोविड वैक्सीन की तीसरी डोज से इंफेक्शन का खतरा 90 फीसदी तक कम! स्टडी में दावा वैक्सीन से खत्म होगा कोविड
कोविड के नए-नए वेरिएंट भले ही दुनियाभर में डर का माहौल बनाने में लगे हुए हों और हेल्थ एक्सपर्ट कोविड संक्रमण के खतरे को उतना ही गंभीर बता रहे हो लेकिन आपके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। जी हां, एक नई स्टडी में ये सामने आया है कि अगर आपने वैक्सीन की बूस्टर डोज तीसरी वैक्सीन के रूप में ली है तो आपको जान जाने का खतरा 90 फीसदी तक कम हो जाएगा। आपकी इम्यूनिटी पिछली दो वैक्सीन के मुकाबले ज्यादा बढ़ जाएगी। कनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित ये स्टडी हांगकांग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने की है, जिसमें ये चौंका देने वाला जानकारी सामने आई है।
हांग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एस्तेर चैन का कहना है कि हमने उन मल्टीमॉर्बिडिटी यानि एक से ज्यादा बीमारी से ग्रस्त वयस्कों में COVID-19 से संबंधित मौत का जोखिम काफी हद तक कम पाया है, जिन्होंने BNT162b2, mRNA वैक्सीन, या कोरोनावैक या फिर कोविड वैक्सीन की होमोलॉगस बूस्टर डोज लगवाई है।
चैन ने ये भी कहा कि ये परिणाम ओमिक्रॉन महामारी के बीच एक या फिर उससे ज्यादा बीमारी के शिकार लोगों में मृत्यु दर को कम करने वाले दो अलग-अलग समूहों में लगाए गए बूस्टर डोज की प्रभावशीलता को सपोर्ट करते हैं।
शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए 18 या उससे अधिक उम्र के लोगों के डेटा की तुलना की। ये सभी लोग दो या दो से अधिक क्रॉनिक बीमारियों जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे। इन लोगों ने नवंबर 2021 और मार्च 2022 के बीच तीसरी डोज ली थी। इनसे मिले डेटा की तुलना 2 डोज लेने वाले लोगों से की गई थी।
बता दें कि 2021 के अंत में ओमिक्रोन बीए.2 वेरिएंट के सामने आने के तुरंत बाद हांगकांग में कोविड के मामलों में भारी उछाल देखा गया था। गौरतलब हो कि 75 लाख की आबादी वाले इस देश में दुनिया भर में कोविड से सबसे ज्यादा मौत होने की सूचना दी थी। इसके अलावा नवंबर 2021 और अप्रैल 2022 के बीच यहां पर अधिकांश लोगों को बूस्टर डोज दी गई थी।
हांगकांग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और अध्ययन के प्रमुख लेखक सैड फ्रांसिस्को लाइ का कहना है कि हमारे निष्कर्ष ये बताते हैं कि इस समय पर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों ने बड़े पैमाने पर महामारी के बीच मृत्यु दर को कमकरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, विशेष रूप से एक या उससे ज्यादा क्रॉनिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों में।
अध्ययन में फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन लेने वाले 120,724 लोग, जिसमें से 87,289 को बूस्टर डोज लगी थी और 127,318 कोरोनावैक वैक्सी लेने वाले, जिसमें से 94,977 को बूस्टर डोज लगी थी।
अध्ययन में ये साफ हुआ है कि बूस्टर डोज के कई फायदे हो सकते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा उन लोगों को जिन्हें एक या उससे ज्यादा बीमारी है।