क्या एसिम्पटोमैटिक मरीज़ों से नहीं फैलता कोविड-19 इंफेक्शन? जानें क्या है WHO एक्सपर्ट्स की राय

सभी देशों के मेडिकल एक्सपर्ट्स, प्रशासन और सरकारों नें कोरोना वायरस के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करने की सलाह दी है। गौरतलब है कि एक्सपर्ट्स के अऩुसार 35 फीसदी से अधिक मरीज़ों में कोरोना के कोई लक्षण दिखायी नहीं पड़ते। इसीलिए, इन लोगों से बाकी स्वस्थ लोगों को संक्रमण का ख़तरा है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों से वायरस फैलने का खतरा बेहद कम है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 10, 2020 1:42 PM IST

Asymptomatic Patients of  Covid-19 : कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus)  से अपने लोगों को बचाने के लिए दुनियाभर के देश संघर्ष कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर तकरीबन 70 लाख लोग इसकी चपेट में आ गए हैं और 4 लाख से अधिक लोगों की इसकी वजह से मौत हो गयी है। कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए इसकी समय पर जांच और इलाज शुरु करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी देशों के प्रशासन और सरकारो नें कोरोना वायरस के लक्षण (Symptoms of Coronavirus) दिखते ही तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करने की सलाह दी है। गौरतलब है कि एक्सपर्ट्स के अऩुसार 35 फीसदी से अधिक मरीज़ों में कोरोना के कोई लक्षण दिखायी नहीं पड़ते। ऐसे मरीज़ों को एसिम्पटोमैटिक पेशेंट्स (Asymptomatic Patients ) कहा जाता है। अब इन्हीं मरीज़ों के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) ने एक बयान दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों से वायरस (Covid-19 Spread) फैलने का खतरा बेहद कम है। (Asymptomatic Patients of  Covid-19 in hindi)

क्या बिना लक्षण वाले मरीज़ों से नहीं फैलता कोविड-19 इंफेक्शन? (Asymptomatic Patients of  Covid-19):

गौरतलब है कि, अब तक एक्सपर्ट्स कहते रहे हैं कि कोविड इंफेक्टेड लोगों (Covid Infected) में से कई ऐसे हैं जिनमें लक्षण नहीं दिखते, और ऐसे लोग अनजाने में ही कोरोना वायरस के फैलने (Coronavirus Spread) की वजह बन सकते हैं। यही वजह है कि लोग हमेशा इस बात से डरे हुए होते हैं कि कहीं उनके आसपास मौजूद किसी स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति से उन्हें इंफेक्शन ना हो जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में कोरोना वायरस की टेक्निकल टीम हेड मारिया वैन केरखोव ने सोमवार को एक बयान दिया कि , जिन मरीज़ों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखायी पड़ते, उन मरीजों से इंफेक्शन फैलने का रिस्क बहुत कम है।

मारिया के मुताबिक, उनका यह बयान संगठन द्वारा कई देशों में किए गए रिचर्स और उसके आंकड़ों के आधार पर हैं। इन आंकड़ों के अनुसार ऐसे लोग जिनमें कोविड-19 और फ्लू जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं, उन लोगों से ही इंफेक्शन फैलने का ख़तरा अधिक है।  हालांकि, चौंकाने वाली बात यह भी है कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने यह बयान देने के बाद इसे वापस भी ले लिया। संगठन के एक अधिकारी ने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीज़ों से कोरोना फैलने की संभावना बहुत कम है,  लेकिन ऐसा नहीं है कि इनसे दूसरे लोगों को कोई ख़तरा नहीं है।

क्या है भारत में स्थिति?

तो दूसरी तरफ इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की नयी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में  (Coronavirus in India)जिन स्थानों को कंटेनमेंट ज़ोन माना गया है। वहां रहने वाले 15-30 प्रतिशत लोग ही कोविड-19 इंफेक्टेड हैं। लेकिन, इनमें से बहुत से लोग अब ठीक हो रहे हैं। इसका अर्थ है कि यह स्थिति थोड़ी राहतभरी है। बिना लक्षण वाले कोरोना वायरस मरीजों से इंफेक्शन कम फैलने की बात के आधार पर कहा जा सकता है कि इससे कोरोना वायरस के कम्यूनिटी स्प्रेड (Community Spread) का ख़तरा भी कम हो सकता है।

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