
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 12, 2021 10:19 AM IST
Covid New Variant Vaccine: कोरोना वायरस के नये वेरिएंट्स की वजह से दुनियाभर में खलबली मची हुई है। इसके साथ ही वैक्सीन्स के प्रभावशाली होने और ना होने पर भी एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है। सार्स-कोवि-2 के व्यवहार को समझते हुए जो वैक्सीन्स तैयार की गयी हैं, उनमें से कुछ को कोरोना के नये स्ट्रेन्स के खिलाफ कारगर नहीं माना जा रहा है। इसी बीच फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा कि कोरोना के नये वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन करने में 6-9 महीने का समय लग सकता है।
द गार्जियन ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में के अनुसार, अपडेटेड वैक्सीन का 6 महीने का टर्नअराउंड पारंपरिक वैक्सीन विकास की समयसीमा को देखते हुए भारी सुधार का प्रतिनिधित्व करेगा। एस्ट्राजेनेका में बायोफार्मास्यूटिकल्स आरएंडडी के कार्यकारी उपाध्यक्ष सर मेने पंगलोस ने कहा, वेरिएंट के लिए वैक्सीन से जुड़ा काम कई हफ्तों या यूं कहें कि महीनों पहले शुरू हो चुका था।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि, हम नये वेरिएंट पर पूरी तरह से कारगर नेक्स्ट जेन वैक्सीन को विकसित करने पर लगातार काम कर रहे हैं और वैज्ञानिकों का इस साल का स्प्रिंग सीजन (मार्च-अप्रैल) लैब में ही गुजरने वाला है। अपनी बातचीत के दौरान मेने ने उम्मीद जतायी कि नये स्ट्रेन के लिए वैक्सीन शरद ऋतु यानि (अक्टूबर-दिसंबर) तक तैयार हो जाएगी और लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो सकेगी।
गौरतलब है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा संयुक्त रूप से विकसित वैक्सीन, मूल वायरस और एक नये वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है, जो कि सबसे पहले ब्रिटेन के केंट इलाके में पाया गया था। (Britain Variant of Coronavirus)
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन पर सवाल उठाए गए हैं और ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि यह वैक्सीन कोरोना के नए स्ट्रेन के खिलाफ ज्यादा प्रभावी नहीं दिख रही है।
इस पर रिपोर्ट में कहा गया है कि एक छोटे पैमाने पर परीक्षण के बाद निकाले गए प्रारंभिक निष्कर्ष हो सकते हैं। मौजूदा वैरिएंट के खिलाफ भी वैक्सीन को प्रभावकारी बताया गया है।रिपोर्ट है कि वैक्सीन स्पष्ट रूप से हल्की और मध्यम बीमारी के लिए इस वैरिएंट के खिलाफ काम नहीं करती है। दक्षिण अफ्रीका में नया वैरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है।
(आईएएनएस, एकेके/एसजीके)