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Written By: Pallavi Kumari | Updated : June 10, 2022 9:32 AM IST
भारत में कोरोना वायरस के मामलों (covid cases in india) में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो भारत में 7,240 नए मामले सामने आए हैं, जिससे देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 4,31,97,522 हो गई है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में डेली पॉजिटिविटी रेट 1.62 प्रतिशत देखी गई, जबकि वीकली पॉजिटिविटी रेट 0.91 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस तरह कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखते हुए केंद्र ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सतर्क रहने ( Centre's Advice To States on coronavirus) को कहा है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना वायरस जिस तरह से बढ़ रहा है ऐसे में इसे लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। साथ ही बीमारी से निपटने के लिए 5 फॉल्डिंग रणनीति का सख्ती से पालन करना होगा। इसके तहत हर राज्य को अपने यहां टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट, टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार जैसी चीजों कपर खास ध्यान देना होगा।
महारष्ट्र और देश के कुछ राज्यों जहां कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिख है। पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा है कि पिछले दो हफ्तों में, मामलों में वृद्धि देखी गई है, जबकि पिछले चार महीनों के दौरान देश भर में मामलों की संख्या में निरंतर और महत्वपूर्ण गिरावट आई थी। उन्होंने पत्र में इस बात पर भी जोर दिया कि 8 जून को समाप्त सप्ताह में, 4,207 औसत दैनिक नए मामले सामने आए, जबकि 1 जून को ये बस 2,663 थे। ऐसे में 1 जून से 8 जून आते-आते वीकली पॉजिटिविटी रेट 0.63 प्रतिशत से बढ़कर 1.12 प्रतिशत हो गई है।
पिछले 24 घंटों में, भारत में 7,240 नए कोरोनावायरस मामले सामने आए हैं, जिनमें से 81 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली और कर्नाटक से सामने आए हैं। ऐसे में इन राज्यों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। भूषण ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब कोरोनावायरस की रोकथामके लिए विशिष्ट रणनीति अपनानी होगी। खास कर कि उन क्षेत्रों में जहां कोरोना के मामले सबसे ज्यादा हैं। यहां टेस्टिंग और ट्रैकिंग, टीकाकरण, कोविड के उपयुक्त व्यवहार और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने पर अधिक ध्यान देने के साथ सामुदायिक जुड़ाव को रेखांकित करना जरूरी है। भूषण ने इस बात पर भी जोर दिया है कि कोरोना मामलों की शीघ्र पहचान करें और संक्रमण को फैलने से रोकें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संक्रमण फैलने की प्रारंभिक चेतावनी के संकेतों का पता लगाने के लिए इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के बढ़ते मामले पर खास ध्यान देना चाहिए और जिन क्षेत्रों में बीमारी बढ़े उन क्षेत्रों पर खास ध्यान दें।