Organ Transplant And Covid Booster Shot: ऑर्गन ट्रांसप्लांट कराने वालों पर कोविड बूस्टर शॉट काफी प्रभावी, वैज्ञानिकों का दावा

जिन लोगों का अंग प्रत्यारोपण हुआ हो उनमें गम्भीर कोविड-19 संक्रमण का खतरा अधिक होता है। एक नयी स्टडी में पाया गया है कि ऐसे लोों में कोविड वैक्सीन की तीसरी खुराक उनमें सुरक्षा बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है। (Organ Transplant And Covid Booster Shot)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 13, 2021 9:30 AM IST

Organ Transplant And Covid Booster Shot: ऑर्गन ट्रांसप्लांट कराने वाले लोगों में कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा देने वाली कोविड वैक्सीन की तीसरी खुराक  देना प्रभावी है या नहीं, इसी से जुड़े  महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। दरअसल, यूनिवर्सिटी हेल्थ नेटवर्क (University Health Network) के वैज्ञानिकों ने यहां ट्रांसप्लांट के मरीजों के लिए कोविड-19 बूस्टर वैक्सीन की तीसरी खुराक का दुनिया में पहला यादृच्छिक प्लेसबो-नियंत्रित परीक्षण किया है, जो काफी हद तक बेहतर सुरक्षा दर्शाता है। जिन व्यक्तियों का अंग प्रत्यारोपण हुआ है, उन्हें कोविड-19 के लिए और गंभीर परिणाम के लिए जोखिम में माना जाता है, क्योंकि उनके प्रत्यारोपण को सफल और स्थायी बनाने के लिए उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को आवश्यक रूप से दबा दिया जाता है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन  में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि कोविड वैक्सीन की तीसरी खुराक उनमें सुरक्षा बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है।

ट्रांसप्लांट रिसीवर में कोविड बूस्टर शॉट है प्रभावी

टीम ने 25 मई से 3 जून के बीच 120 ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन कराने वाले रोगियों को नामांकित किया। उनमें से किसी को भी पहले कोविड नहीं था और उन सभी को मॉडर्ना वैक्सीन (Moderna Vaccine) की दो खुराक मिली थी। आधे प्रतिभागियों को टीके का तीसरा शॉट (दूसरी खुराक के बाद 2 महीने के निशान पर) और दूसरे आधे को प्लेसेबो मिला। प्राथमिक परिणाम वायरस के स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ 100 यू/एमएल से अधिक एंटीबॉडी स्तर पर आधारित था। प्लेसीबो समूह में - तीन खुराक के बाद (जहां तीसरी खुराक प्लेसीबो थी), प्रतिक्रिया दर केवल 18 प्रतिशत थी, जबकि मॉडर्न तीन-खुराक समूह में प्रतिक्रिया दर 55 प्रतिशत थी।

मरीजों में बनी ज्यादा एंटीबॉडीज़

अजमेरा ट्रांसप्लांट सेंटर, यूएचएन के चिकित्सा निदेशक डॉ. अतुल हमर ने कहा, "यह हमारे रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है, क्योंकि परिणाम काफी निर्णायक हैं।" उन्होंने कहा, " कोविड का तीसरा टीका सुरक्षित और अच्छी तरह से सहन करने योग्य थै और इससे इस कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को तीसरी खुराक देने की प्रथा में बदलाव आना चाहिए।"

  • इसके अलावा, मॉडर्ना समूह के 60 प्रतिशत रोगियों ने प्लेसीबो समूह में 25 प्रतिशत की तुलना में निष्क्रिय एंटीबॉडी विकसित की।
  • रोगियों को वायरस के खिलाफ एक मजबूत टी-सेल प्रतिक्रिया विकसित करने की अनुमति देने के लिए तीन-खुराक मॉडर्ना समूह की क्षमता में भी काफी सुधार हुआ था।
  • शोधकर्ताओं ने कहा, इसके अलावा तीसरे बूस्टर वैक्सीन को केवल हल्के साइड इफेक्ट के साथ बहुत अच्छी तरह से सहन किया गया था और तीव्र अंग अस्वीकृति का कारण नहीं था। यह एक महत्वपूर्ण खोज है, क्योंकि ऐसी चिंताएं थीं कि बार-बार टीकाकरण प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं में अंग अस्वीकृति की घटनाओं को बढ़ा सकता है।(आईएएनएस)
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