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Covid-19 Vaccine Side Effects:कोरोना वायरस वैक्सीन लगाने से जुड़ी रणनीती बनाने का काम जहां तेज़ी से चल रहा है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगने के बाद कुछ साइड-इफेक्ट्स भी दिखायी पड़ सकते हैं, जिनके लिए लोगों को तैयार रहना चाहिए। मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत का प्रदर्शन, कोविड-19 महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई में अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। (Coronavirus Cases in India)
समाचार एजेंसी आईएएऩएस के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारियों को लेकर ताज़ा अपडेट्स दी। उनके मुताबिक, देश में कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम के तहत, 9000 कोल्ड चेन प्वाइंट, 240 वॉक-इन कूलर, 70 वॉक-इन फ्रीजर, 45000 आइस-लाइनेड रेफ्रिजरेटर, 41000 डीप फ्री जर्स और 300 सोलर रेफ्रिजरेटर का उपयोग किया जायेगा। ये सभी उपकरण राज्य सरकारों तक पहुंच चुके हैं। (Covdi-19 Vaccine Side Effects)
बातचीत के दौरान, कोरोना वैक्सीनेशन के बाद उसके प्रतिकूल प्रभावों और घटनाओं के सामने आने के विषय पर भी स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने चेताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के प्रतिकूल प्रभाव मुख्य रूप से टीकाकरण के बाद बच्चों और प्रेगनेंट महिलाओं में देखे गए हैं। ऐसे में कोविड-19 टीकाकरण शुरू करने बाद एक प्रतिकूल घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। (Covid-19 Vaccine Side Effects)
अपनी बात रखते हुए भूषण ने कुछ अंतर्राष्ट्रीय मामलों का भी उदाहरण दिया और कहा कि भारत कोविड-19 के लिए टीकाकरण शुरू होने पर प्रतिकूल घटनाओं की संभावनाओं से इनकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, "जिन देशों में टीकाकरण पहले ही शुरू हो चुका है, खासकर ब्रिटेन में, वैक्सीन लगाने के पहले दिन से ही प्रतिकूल घटनाएं देखी गयीं।"
भूषण ने इस बात पर ज़ोर दिया कि, ब्रिटेन समेत उन सभी देशों में जहां, कोरोना वैक्सीनेशन पहले ही शुरू हो चुका है, वहां आरंभ से ही वहां इसके साइड-इफेक्ट्स देखने को मिल रही है। ऐसे में यह ज़रूरी हो जाता है कि, राज्य सरकारें और सभी केंद्र शासित प्रदेश भी ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी कर लें।
बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, भारत में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या दुनिया में सबसे कम है। भूषण ने कहा कि वैश्विक औसत जहां प्रति दस लाख जनसंख्या पर 9,000 है, वहीं भारत में मामलों की संख्या प्रति दस लाख आबादी पर 7,178 है।