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Written By: Kishori Mishra | Updated : June 27, 2020 11:29 AM IST
12 से 18 महीने में तैयार हो जाएगी कोरोनावायरस की वैक्सीन : WHO के मुख्य वैज्ञानिक
COVID-19 Vaccine : विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान में कोविड -19 के खिलाफ वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) को विकसित करना दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा 2021 तक इसके दो अरब डोज के लिए 18.1 बिलियन डॉलर की आवश्यकता हो सकती है। डॉ. स्वामीनाथन (Dr. Soumya Swaminathan) ने कहा कि दुनियाभर के वैज्ञानिक 200 से कोरोनावायरस की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को विकसित करने में जुटे हैं। इसमें से 15 वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल किया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि 12 -18 महीने में कोविड-19 की वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) बनकर तैयार हो जाएगी।
एक आभासी प्रेस कॉन्फ्रेंस (Virtual Press Conference) को संबोधित करते हुए सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि COVAX के माध्यम से कोविड-19 वैक्सीन की 950 मिलियन खुराक के लिए उच्च आय और मध्यम आय वाले देशों के बीच प्रति प्रतिबद्धताओं की आवश्यकता थी, जिससे वैक्सीन मार्केट में तेजी से आ सके। मीडिया के द्वारा पूछे गए सवालों में स्वामीनाथन ने कहा, "एस्ट्राजेनेका की कोरोना वायरस वैक्सीन सबसे उन्नत वैक्सीन है जो वर्तमान में विकास के मामले में बेहतर है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कोरोना से निपटने के लिए एस्ट्राजेनेका निश्चित रूप से इस समय एक अधिक वैश्विक गुंजाइश है जहां वे अपने वैक्सीन के परीक्षणों की योजना बना रहे हैं"।
उन्होंने कहा, यह फेज-2 ट्रायल में आगे बढ़े और कई देश फेज-3 के ट्रायल की योजाना बना रहे हैं। वर्तमान में जुलाई तक फेज-3 के नैदानिक परीक्षणों की योजना बन रही है। हालांकि, जब तक हम नैदानिक परीक्षणों से परिणाम नहीं देखते हैं, तब तक इन उम्मीदवारों की प्रभावकारिता और सुरक्षा अज्ञात हो सकती है।
बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) और एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) द्वारा तैयार की गई कोरोनावायरस वैक्सीन पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसका फाइनल क्लीनिकल टेस्ट किया जा रहा है। अब इस पर यह प्रयोग करना बाकी है कि यह वैक्सीन कोरोनावायरस के संक्रमण से किस हद तक बचाने में (Coronavirus Vaccine) कारगर है। भारत सहित अन्य निम्न-मध्यम आय वाले देशों के लिए एक अरब खुराक तैयार (Coronavirus Vaccine) किया जा रहा है। इसमें भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने $100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। यह टीका (Coronavirus Vaccine) दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में लगाया जा रहा है।