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Covid-19 Vaccine And Omicron: कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के मामलों की पुष्टि अब 77 देशों द्वारा की जा चुकी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कोविड के ओमिक्रोन वेरिएंट चिंता का विषय इसलिए बना है क्योंकि, अब तक 77 देशों तक फैल चुके इस वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में 36 म्यूटेंट देखे गए। ओमिक्रोन वेरिएंट के बारे में सबसे डरावनी बात यही मानी जा रही है कि इस वेरिएंट के खिलाफ कोविड वैक्सीन्स बेअसर साबित हो सकती हैं। एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि, अमेरिकी दवा निर्माता फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा कोविड-19 के खिलाफ विकसित वैक्सीन नए सुपर म्यूटेंट ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी साबित हुई हैं। (Covid-19 Vaccine And Omicron In Hindi )
मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल (एमजीएच), हार्वर्ड और एमआईटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में उन लोगों के रक्त का परीक्षण किया गया, जिन्होंने ओमिक्रोन वेरिएंट के समान एक स्यूडोवायरस इंजीनियर्ड के खिलाफ मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन (Johsons & Johnsons) और फाइजर/बायोएनटेक (Pfize-BioNTech) टीके प्राप्त किए। इनमें ऐसे व्यक्ति शामिल थे, जिन्हें हाल ही में टीका लगाया गया था या जिन्होंने हाल ही में बूस्टर खुराक ली थी और उन्हें पहले सार्स-सीओवी-2 (SARS-COV-2) संक्रमण भी था। प्रीप्रिंट मेम्रेडक्सिव पर पोस्ट किए गए निष्कर्ष, जिसका अर्थ है कि अभी तक स्टडी की पूर्ण समीक्षा नहीं की गई है, उसमें यह पता चला कि, वैक्सीनेशन कराने वाले अधिकांश व्यक्तियों मेंओमिक्रोन वेरिएंट को खिलाफ वैक्सीन का प्रभाव बहुत कम दिखायी दिया।
बोस्टन में पैथोलॉजी विभाग में एमजीएच विल्फ्रेडो एफ. गार्सिया-बेलट्रान ने कहा, "अध्ययन से पता चलता है कि एमआरएनए-1273 (मॉडर्ना), बीएनटी162बी2 (फाइजर-बायोएनटेक) या एड26.सीओवी2.एस (जॉनसन एंड जॉनसन) के साथ प्राथमिक टीकाकरण श्रृंखला के बाद ओमिक्रोन वैक्सीन-प्रेरित प्रतिरक्षा से काफी हद तक बच जाता है और इन व्रिटो में बढ़ी हुई संक्रामकता को प्रदर्शित करता है।"
टीम ने यह भी पाया कि ओमिक्रोन वेरिएंट स्यूडोवायरस परीक्षण किए गए किसी भी अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है। कुल मिलाकर, यह अध्ययन अत्यधिक भिन्न सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट के खिलाफ एंटीबॉडी प्रतिक्रियाओं को बेअसर करने के लिए बूस्टर डोज के महत्व पर प्रकाश डालता है। स्टडी के परिणाम हाल ही में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित अन्य अध्ययनों के अनुरूप हैं, जिन्होंने कहा कि उन्होंने पाया कि दो-खुराक फाइजर और एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन रेजिमेंस नए वैरिएंट के खिलाफ पर्याप्त न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी को प्रेरित नहीं करते हैं।
बता दें कि भारत में भी ओमिक्रोन का असर दिखायी दे रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक देश में ओमिक्रोन के 57 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है।
(आईएएनएस)