
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 23, 2020 11:56 AM IST
आखिर फाइजर की वैक्सीन इतनी खास क्यों है?
COVAXIN: कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए बनायी जा रही वैक्सीन्स (Covid-19 Vaccine) में एक मज़बूत दावेदार के तौर पर कोवैक्सीन को भी गिना जा रहा है। इस वैक्सीन्स के अंतिम चरण के क्लिनिकल ट्रायल्स चल रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि, अगले 2 महीनों में ये ट्रायल्स पूरे हो जाएंगे। भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि कोविड-19 की स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल अगले एक से दो महीने में पूरा होने की उम्मीद है। एक वेब कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने यह बात कही।
गौरतलब है कि, महीनेभर पहले ही इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन (COVAXIN) के थर्ड फेज़ के क्लिनिकल ट्रायल्स की शुरूआत की। इस टेस्टिंग में 26 हजार वॉलिंटियर्स ने हिस्सा लिया। डॉ. हर्षवर्धन ने वेब कॉन्फ्रेंस में कहा कि, स्वदेशी टीका विकसित करने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। उम्मीद है कि अगले 2-3 महीनों में ट्रायल्स का काम पूरा हो जाएगा। (COVAXIN)
इस कॉन्फ्रेंस में डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने यह भी कहा कि, जुलाई 2021 महीने तक देश में 20-25 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो सकता है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि,, स्वदेशी कोरोना वैक्सीन की कीमत 100 रूपए हो सकती है। वैसे इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसा कहा जा रहा है कि मार्च-अप्रैल 2021 तक कोवैक्सीन बाज़ार में उपलब्ध हो जाएगी।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि, देश में कोवैक्सीन पर तेज़ गति से काम चल रहा है। वहीं, स्वदेशी वैक्सीन पर भी काम चल रहा है और ऐसी उम्मीद हो रही है कि साल 2021 के शुरुआती महीनों में भारत में वैक्सीन उपलब्ध हो सकता है। सरकार ने चरणबद्ध तरीके से लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना बनायी है। इस योजना के अनुसार, फ्रंटलाइन वॉरियर्स और हाई रिस्क ग्रुप में गिने जाने वाले बुज़ुर्गो को सबसे पहले कोरोना वायरस की वैक्सीन्स दी जाएगी।