साल 2021 की शुरुआत में भारत के पास होगी कोरोना की अपनी वैक्सीन, बर्नस्टीन रिसर्च की रिपोर्ट में दावा

कोविड वैक्सीन से जुड़ी एक बड़ी ख़बर सामने आयी है। ऐसा कहा जा रहा है कि भारत के पास वर्ष 2021 की शुरुआत में यानि मार्च 2021 से पहले अप्रूव्ड  कोरोना वायरस वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के पुणे  स्थित दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कम्पनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) अपनी पहली वैक्सीन के वितरण यानि डिस्ट्रीब्यूशन की स्थिति में होगा।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 28, 2020 6:51 PM IST

Covid-19 Vaccine:  कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की और जल्द से जल्द इसे उपलब्ध कराने के प्रयास दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे हैं। भारत की भी कई कम्पनियां वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) बनाने की रेस में आगे चल रही हैं। कोविड वैक्सीन से जुड़ी एक बड़ी ख़बर सामने आयी है। ऐसा कहा जा रहा है कि भारत के पास वर्ष 2021 की शुरुआत में यानि मार्च 2021 से पहले अप्रूव्ड  कोरोना वायरस वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के पुणे  स्थित दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कम्पनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) अपनी पहली वैक्सीन के वितरण यानि डिस्ट्रीब्यूशन की स्थिति में होगा। बता दें कि, यह दावा वॉल स्ट्रीट रिसर्च और ब्रोकरेज कम्पनी, बर्नस्टीन रिसर्च (Bernstein report) की एक रिपोर्ट में किया गया। वॉल स्ट्रीट जर्नल की सबसे बड़ी रिसर्च कम्पनी की यह रिपोर्ट गुरुवार को ज़ारी की गयी।

कब आएगी भारत में कोरोना की वैक्सीन?

बर्नस्टीन रिसर्च के अनुसार, फिलहाल दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन के 4 उम्मीदवार हैं जो साल 2020 के अंत और 2021 की शुरुआत में अप्रूवल की काफी निकट देखे जा रहे हैं। पार्टनरशिप के ज़रिए भारत के पास 2 उम्मीदवार वैक्सीन्स हैं। एजे-ऑक्सफोर्ड (AZ/Oxford) का वायरल वेक्टर वैक्सीन और नोवावैक्स (Novavax) का प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन, वो 2 वैक्सीन्स है जिनमें जल्द सफलता मिलने के आसार नज़र आ रहे हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार बर्नस्टीन रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीरम की वैक्सीन को सबसे अच्छी स्थिति में देखा जा रहा है। जो, अपनी मौजूदा क्षमता, प्रभाव और योग्यता के लिहाज से अप्रूवल के काफी करीब है। एक्सपर्ट्स भी इन दोनों ही वैक्सीन के सभी ट्रायल फेज़ के डेटा सुरक्षा के संदर्भ में और इम्यूनिटी रिस्पॉन्स की क्षमता को लेकर काफी उम्मीदें जता रहे हैं।

इस रिपोर्ट में भारत से काफी उम्मीदें जतायी गयी हैं। रिपोर्ट में ऐसा कहा है कि भारत इस वैक्सीन के भारी पैमाने पर उत्पादन करने में सक्षम हो सकता है और वह मैन्यूफैक्चरिंग स्तर की चुनौतियों का आसानी से सामना भी कर लेगा।

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