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Covid-19 Vaccine: कोरोना वैक्सीन के लिए नियामक मानदंडों पर नहीं होगा कोई समझौता, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) ने गुरुवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित वैज्ञानिक और नियामक मानदंडों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। इस समय स्वास्थ्य मंत्री के दावे की अहमियत है, क्योंकि वैक्सीन (टीका) की सुरक्षा और प्रभावकारिता दोनों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। (Covid-19 Vaccine in India update)

Covid-19 Vaccine:  कोरोना वैक्सीन के लिए नियामक मानदंडों पर नहीं होगा कोई समझौता, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का बयान
Earlier this month, three vaccine makers had applied to the DCGI for grant of emergency use authorisation to their vaccines.

Written by Sadhna Tiwari |Published : December 10, 2020 10:37 PM IST

Covid-19 Vaccine in India update: कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर देश में गतिविधियां तेज़ हो रही हैं।  जहां देश में जल्द ही कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होने की उम्मीद की जा रही है। वहीं, देश में 3 वैक्सीन निर्माताओं ने इमरजेंसी में अपनी कोविड-19 वैक्सीन के इस्तेमाल  के लिए भी आवेदन किया है।

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) ने गुरुवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित वैज्ञानिक और नियामक मानदंडों पर कोई समझौता नहीं किया गया है। इस समय स्वास्थ्य मंत्री के दावे की अहमियत है, क्योंकि वैक्सीन (टीका) की सुरक्षा और प्रभावकारिता दोनों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। (Covid-19 Vaccine in India update)

वैक्सीन की सेफ्टी और प्रभाव के आधार पर ही मिलेगी अनुमति

हर्षवर्धन ने विश्व बैंक के उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "कड़े निरीक्षण के साथ, हमें यकीन है कि ट्रायल की सुरक्षा से लेकर वैक्सीन की प्रभावशीलता तक वैज्ञानिक और नियामकीय मानदंडों पर कोई समझौता नहीं किया गया है।" उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले कुछ हफ्तों में वैक्सीन उपलब्ध होगी और जैसे ही नियामक एजेंसी, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा इसे मंजूरी दी जाएगी, टीकाकरण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। (Covid-19 Vaccine in India update)

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गौरतलब है कि, कोविड-19 वैक्सीन के आठ उम्मीदवार नैदानिक परीक्षण (क्लिनिकल ट्रायल) के विभिन्न चरणों में हैं और निकट भविष्य में प्राधिकरण के लिए तैयार हो सकते हैं, जिसमें तीन स्वदेशी टीके भी शामिल हैं।

किसे मिलनी चाहिए कोविड-19 वैक्सीन?

जहां, कोविड-19 टीकाकरण को लेकर सरकार अपने स्तर पर तैयारियां कर रही है, वहीं एक्सपर्ट्स ने गुरुवार को कहा कि जिन लोगों को कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection High Risk Groups) का अधिक खतरा है, जैसे कि हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स, बुजुर्ग और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे 50 से कम उम्र के व्यक्ति को पहले टीका लगाया जाना चाहिए।

कोविड-19 वैक्सीनेशन से जुड़ी रणनीति पर बात करते हुए फोर्टिस अस्पताल में मेडिकल स्ट्रेटजी एंड ऑपरेशंस के ग्रुप हेड बिष्णु पाणिग्रही ने कहा कि, फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स (Healthcare Workers) कोविड वैक्सीन पाने वालों की पहली कतार में होंगे। उन्होंने आगे कहा, "आगे उन सभी लोगों को शामिल किया जाना चाहिए, जो नगरपालिका के कर्मचारी, सार्वजनिक परिवहन को चलाने वाले, फ्रंटलाइन पुलिसकर्मी, बिजली, पानी की आपूर्ति और आपदा प्रबंधन कर्मचारी हैं।"

समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) पाणिग्रही ने बताया, "उसके बाद फिर एक उम्र के लोगों का टीकाकरण और सभी उम्र के गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों का और अंत में सभी नागरिकों का टीकाकरण किया जाना चाहिए।"

30 करोड़ लोग प्राथमिकता लिस्ट में शामिल

हाल ही में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि 30 करोड़ लोगों को प्राथमिकता वाले जनसंख्या समूहों में सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें एक करोड़ स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुलिस विभाग के दो करोड़ कर्मचारी, सशस्त्र बल, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा संगठन और कोमॉर्बिडिटीज (गंभीर बीमारी ) वाले 50 वर्ष से ऊपर और नीचे के 27 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है।

आईएएनएस से बात करते हुए, मुंबई स्थित फार्मास्युटिकल्स कंपनी एनएनटीओडी फार्मास्युटिकल्स के कार्यकारी निदेशक, निखिल के मसुरकर ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, इसके बाद फ्रंटलाइन कार्यकर्ता, बुजुर्ग आबादी और गंभीर बीमारी वाले 50 से कम उम्र के लोगों को दिया जाना चाहिए।

इन लोगों को माना जा रहा है हाई-रिस्क ग्रुप

गुरुग्राम के नारायण अस्पताल पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन के सलाहकार डॉ. शीबा कल्याण बिस्वाल ने आईएएनएस को बताया, "जहां तक तेजी से वायरस फैलने का संबंध है, प्रतिरक्षात्मक रोगियों, मधुमेह के रोगियों के साथ-साथ क्रॉनिक लंग, यकृत, गुर्दे की बीमारी के रोगियों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्राथमिकता सूची में पहले स्थान पर होना चाहिए।"

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डॉ. नेहा गुप्ता (गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में संक्रामक रोग फीजिशियन ) ने कहा, "इसे उन लोगों को पहले देना चाहिए, जिनमें संक्रमण का खतरा अधिक है और हेल्थकेयर वर्कर्स, बुजुर्ग, मोटापे के रोगी, हृदयरोग वाले रोगी को इसे देने में प्राथमिकता बरतनी चाहिए।"