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Covid-19 Vaccine update: जून 2021 तक देश में कोविड-19 की वैक्सीन आ सकती है।‘ यह कहना है बेंगलूरू स्थित फार्मा कम्पनी बायोकॉन लिमिटेड की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर किरण मजूमदार शॉ का। जिन्होंने भारत में स्वदेशी कोरोनो वैक्सीन के बारे में मीडिया को कुछ अहम अपडेट दीं। (Coronavirus Vaccine)
कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप दुनियाभर में देखने को मिला है। दुनियाभर के लगभग सभी देशों में कोरोना वायरस की चपेट में बहुत से लोग आए। जिसकी वजह से वहां लोगों को संक्रमण हुआ और कइयों को जान गंवानी पड़ी। भारत में भी कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या बहुत अधिक है। रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोविड-19 मरीज़ों की संख्या 78 लाख है जबकि अब तक 1 लाख 18 हजार लोगों की मृत्यु हो गयी है। (Covid-19 Vaccine in India update)
दुनियाभर में कोरोना वायरस की वैक्सीन की खोज चल रही है। भारत में बायोकॉन और सीरम इंस्टिट्यूट जैसी कम्पनियां भी टीका विकसित करने के काम में लगे हैं। बेंगलूरू स्थित फार्मा कम्पनी बायोकॉन लिमिटेड की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर किरण मजूमदार शॉ ने कहा है कि जून 2021 तक देश में कोविड-19 की वैक्सीन आ सकती है।
किरण मजूमदार ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि, ‘हम ऐसी उम्मीद कर सकते हैं कि साल 2020 खत्म होने से पहले एमआरएनए (MRNA Vaccine) वैक्सीन को अनुमति मिल जाएगी। पर इन वैक्सीन को 80 डिग्री से कम तापमान की कोल्ड चेन की ज़रूरत होती है, जो कि भारत में संभव नहीं। इसीलिए, इन वैक्सीन्स को भारत में उपलब्ध कराना मुश्किल है। लेकिन, ऐसी संभावना है कि जनवरी 2021 तक भारत मं एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) और भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोरोना वैक्सीन को मंज़ूरी मिल सकती है।’
बातचीत में किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि, ‘अगर आगामी 2-3 महीनों में क्लिनिकल ट्रायल्स पूरे हो जाते हैं, तो स्वदेशी वैक्सीन्स को भी जनवरी 2021 या फरवरी 2021 तक उन्हें भी अनुमति मिल जाएगी। ऐसे में उम्मदी की जा सकती है 2021-22 तक कोरोना की वैक्सीन भारत में पूरी तरह उपलब्ध हो सकेगी।'
किरण के अनुसार, भारत की आबादी को देखते हुए भारत में इस वैक्सीन का वितरण मुश्किलभरा हो सकता है। जैसा कि, भारत में पोलियो के टीकों को लगाने में कई वर्षों का समय लगा थे, जिसके लिए आशा और आंगनवाड़ी वॉलिटिंयर्स की मदद ली गयी थी। पोलियो का टीका देना आसान है इसलिए हमें उसके वितरण में बहुत अधिक समस्याएं नहीं हुईं। लेकिन, चूंकि कोविड-19 का टीका एक इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन होगा इसीलिए, इसे लगाने के लिए स्पेशलाइज़्ड स्टाफ यानि नर्स, डॉक्टरों और मेडिकल स्टुडेंट्स की मदद की आवश्यकता पड़ेगी। साथ ही इस वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन के बेसिक ढांचो की भी ज़रूरत पड़ेगी। इसीलिए, कोविड-19 वैक्सीन का डिस्ट्रीब्यूशन थोड़ा चुनौतीपूर्ण होगा। '