
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : October 12, 2020 8:11 PM IST
COVAX: कोरोना वायरस महामारी का सामना करने के लिए कोवाक्स प्रोग्राम में चीन ने भागीदारी करने की घोषणा की है। चीन ने कहा है कि वह वैश्विक वैक्सीन आवंटन योजना ( Global Vaccine Alliance) का हिस्सा बनेगा। यह कार्यक्रम इस मकसद के साथ आरंभ किया जा रहा है कि, वैश्विक स्तर पर कोविड-19 वैक्सीन को समान तरीके से पहुंचाया जा सके। यह एक अंतर्राष्ट्रीय पहल है जिससे जुड़ने से चीन का विश्व के साथ कोविड-19 महामारी का सामना करने का संकल्प भी सभी को पता चल रहा है।
गौरतलब है कि, यह चीन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह उसकी कोविड-19 वैक्सीन को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भलाई के कार्य में बदलने की प्रतिबद्धता से मेल खाता है। पूरी दुनिया में अभी भी कोविड-19 महामारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा एक बहुत ही गंभीर खतरा बना हुआ है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोविड-19 वैक्सीन्स दुनिया के सभी देशों में डिस्ट्रिब्यूट किए जाएं और अमीर देशों के साथ गरीब और विकासशील देशों में भी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध हो सके।
चीन की तरफ से बयान दिया गया है कि जब वैक्सीन को पूरी तरह से विकसित कर लिया जाएगा तो उस टीके को वैश्विक सार्वजनिक उत्पाद बनाया जाएगा। साथ ही चीन ने ठोस प्रतिबद्धता दिखायी है कि विकासशील देशों को कोविड-19 वैक्सीन प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि, चीन के इस कदम से वैश्विक वैक्सीन सहयोग कार्यक्रम को मजबूती मिलेगी। चीन द्वारा सहयोग की घोषणा की यूरोपिय संघ ने सराहना भी की है।
कोविड-19 वैक्सीन बनाने की दिशा में चीन सबसे आगे चल रहा है। क्योंकि, चीन के 4 कोविड-19 टीके क्लिनिकल टेस्टिंग के आखिरी चरण में है। WHO अपने कोवाक्स (COVAX) वैक्सीनेशन प्रोग्राम के ज़रिए विश्वभर में वैक्सीन वितरण की योजना पर कार्य कर रहा है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर देशों को महामारी से निपटने और उन्हें वैक्सीन उपलब्ध कराने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन का विशेष ज़ोर है। इस मुहिम में गेट्स फाउंडेशन द्वारा फंड प्राप्त करने वाले वैक्सीन अलायंस 'गावी' (जीएवीआई) भी सहयोग कर रहा है। कोवाक्स (COVAX) के अंतर्गत WHO साल 2021 के अंत तक 2 अरब टीके तैयार करना चाहता है।