स्पुतनिक-5 के बाद रूस ने एक और कोविड-19 वैक्सीन ’एपीवैककोरोना' को दी मंजूरी दी, ट्रायल में रूसी उप प्रधानमंत्री ने खुद लगवाया यह टीका

पुतिन ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने दूसरी कोविड-19 वैक्सीन को पंजीकृत किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में बुधवार को यह जानकारी दी गई। रूस अगस्त में एक कोविड-19 वैक्सीन को नियामक स्वीकृति देने वाला पहला देश बना था, जब स्पुतनिक-5 वैक्सीन का आधिकारिक तौर पर पंजीकरण किया गया था।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 15, 2020 11:13 AM IST

Covid-19 Vaccine: दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन का इंतज़ार कर रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने  घोषणा की है कि  उनके देश ने दूसरी कोविड-19 वैक्सीन एपीवैककोरोना, (epivaccoronav) का रजिस्ट्रेशन करा लिया है।  मीडिया रिपोर्ट्स में बुधवार को इस ख़बर  की पु्ष्टि की गयी। गौरतलब है कि, इससे पहले रूस स्पुतनिक वी को लॉन्च कर चुका है।

रूस अगस्त 2020  में सबसे पहले कोविड-19 वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन करने और उसे लॉन्च करने वाला पहला देश बन गया था, जब स्पुतनिक-5 वैक्सीन (Sputnik-V) को आधिकारिक तौर पर पंजीकृत किया गया था। हालांकि, स्पुतनिक के लॉन्च के साथ ही दुनियाभर में वैज्ञानिकों ने  इसकी सेफ्टी को लेकर आशंका ज़ाहिर की। उन्होंने इसे  जल्दबाजी में उतारी गई वैक्सीन बताया और इसकी आलोचना भी की थी। (Covid-19 Vaccine)

रूस ला रहा है कोविड-19 की एक और वैक्सीन:

विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने के लिए दूसरी रूसी वैक्सीन वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी की ओर से विकसित की गई है। वेक्टर की इस वैक्सीन को 'एपीवैककोरोना' नाम दिया गया है, जो कि एक पेप्टाइड-आधारित वैक्सीन है।

स्पूतनिक न्यूज एंजेसी की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने बताया कि चुमकोव केंद्र की ओर से विकसित कोविड-19 के खिलाफ तीसरी रूसी वैक्सीन भी निकट भविष्य में भी पंजीकृत की जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी उप प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने कहा कि वह खुद 'एपीवैककोरोना' वैक्सीन के परीक्षण से गुजरी हैं और उन्हें इसके किसी भी दुष्परिणाम (साइड इफेक्ट) का अनुभव नहीं हुआ है।

सितंबर में हुई थी नयी वैक्सीन की घोषणा

स्पुतनिक वी.  (Sputnik V.) कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन है। इस वैक्सीन को अगस्त महीने में रजिस्टर और लॉन्च किया गया था।  वैक्सीन के लॉन्च के साथ ही यह फैसला लिया गया था कि  रूस यह टीका सबसे पहले अपने फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाएगा, जिनमें, कोरोना के खिलाफ कार्य कर रहे मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर्स शामिल हैं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई देशों के वैज्ञानिकों ने स्पुतनिक (Sputnik V.) के पूरी तरह सुरक्षित होने पर अपनी आशंका व्यक्त की थी।

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