कोविड-19 के गंभीर रोगियों के इलाज में मददगार हो सकता है स्टेरॉयड ट्रीटमेंट, वैज्ञानिकों का दावा

हाल ही में एक रिसर्च में यह बात सामने आयी कि कोविड-19 इंफेक्शन के गंभीर मरीज़ों की इम्यूनिटी कम हो जाती है। ऐसे मरीज़ों के लिए डेक्सामेथासोन जैसी स्टेरॉयड दवाइओं को बचाकर रखना चाहिए। इस रिसर्च में भाग ले रहे वैज्ञानिकों के अनुसार,विभिन्न प्रकार के स्टेरॉयड (Steroids) कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीजों के इलाज में प्रभावी हैं। इन दवाइयों की मदद से कोविड-19 पीड़ित व्यक्ति में मृत्यु का खतरा काफी कम किया जा सकता है। (Covid-19 Treatment)

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : November 16, 2020 10:32 AM IST

Covid-19 Treatment: कोरोना वायरस महामारी से पीड़ित लोगों के लिए स्टेरॉयड दवाइओं (Steroids in Covid-19) के कारगर होने का दावा किया जा रहा है। हाल ही में एक रिसर्च में यह बात सामने आयी कि कोविड-19 इंफेक्शन के गंभीर मरीज़ों की इम्यूनिटी कम हो जाती है। ऐसे मरीज़ों के लिए डेक्सामेथासोन जैसी स्टेरॉयड दवाइओं को बचाकर रखना चाहिए। इस रिसर्च में भाग ले रहे वैज्ञानिकों के अनुसार,विभिन्न प्रकार के स्टेरॉयड (Steroids) कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीजों के इलाज में प्रभावी हैं। इन दवाइयों की मदद से कोविड-19 पीड़ित व्यक्ति में मृत्यु का खतरा काफी कम किया जा सकता है। (Covid-19 Treatment)

क्या कोविड-19 के  इलाज में कारगर है स्टेरॉयड ?

रिसर्च का आयोजन अमेरिका के सेंट जूड चिल्ड्रन रिसर्च अस्पताल के डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों की एक टीम ने किया। रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने कोविड-19 संक्रमित (Covid-9 Infected) 168 वयस्कों के अलावा फ्लू पीड़ित 26 वयस्कों पर अध्ययन किया। इस शोध के लिए 16 हेल्थ वर्कर्स को भी चुना गया जिन्हें, कोविड-19 नहीं था। इन सभी लोगों में इम्यून सिस्टम से जुड़ा प्रोटीन साइटोकिन्स के अलावा अन्य स्वास्थ्य मानकों के लेवल की भी जांच की गयी। कोविड-19 से संक्रमित 90 फीसदी से अधिक मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहीं, 50 फीसदी से अधिक फ्लू के मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 35 फीसदी लोग आईसीयू (ICU) में थे।

इस रिसर्च के परिणाम 'जर्नल साइंस एडवांस’ में प्रकाशित किए गए। रिसर्च के के अनुसार, कोविड-19 संक्रमित में से 5 प्रतिशत से कम लोगों में साइटोकिन स्टॉर्म सिंड्रोम के रूप में जानी जाने वाली 'हाइपरइन्फ्लेमेटरी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया थी।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब हमारा इम्यून सिस्टम अधिक सक्रिय हो जाता है तो, वह बीमारियों से लड़ने की बजाय शरीर को ही नुकसान पहुंचाने लगता है। इस प्रक्रिया को  'साइटोकाइन स्टॉर्म’ कहा जाता है। डेक्सामेथासोन जैसी स्टेरॉयड की खुराक ‘साइटोकिन स्टॉर्म’ के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। लेकिन, इन दवाओं के साइड-इफेक्ट्स भी होते हैं। खासकर, उन लोगों पर जिनकी इम्यूनिटी पहले से ही कम हो चुकी है।

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