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Covid-19 Treatment: दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज हुआ सस्ता, देखें नई दरें

Covid-19 Treatment in Delhi: दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज अब सस्ता हो जाएगा। सरकार ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, सभी निजी अस्पतालों के आइसोलेशन बेड की दर आठ से दस हजार तय की गई है। ये सभी दरें पहले की दरों से तीन गुना कम हैं। देखें, इन दरों की लिस्ट...

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Written By: Anshumala | Updated : June 21, 2020 8:55 PM IST

covid-19 Treatment in Delhi : दिल्ली में कोरोनावायरस (Delhi coronavirus) अपना विकराल रूप दिखा रहा है। यहां कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या काफी तेजी से बढ़ती ही जा रही है, लेकिन कोरोना मरीजों (Corona patient) और उनके परिवार के लिए एक अच्छी खबर भी है। खबर ये है कि दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों को अब सस्ता (covid-19 Treatment in Delhi) इलाज मिलेगा। सरकार ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, सभी निजी अस्पतालों के आइसोलेशन बेड की दर आठ से दस हजार तय की गई है। बिना वेंटिलेटर के आईसीयू के बेड का शुल्क 13,000-15,000 और वेंटीलेटर के साथ आईसीयू में बेड का शुल्क 15,000-18,000 रुपये तय किया गया है। इन शुल्कों में पीपीई की लागत भी शामिल है। बताया जा रहा है कि ये सभी दरें पहले की दरों से तीन गुना कम हैं।

पहले दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों के लिए इलाज कराने की दरें काफी अधिक थीं। पहले सभी प्राइवेट हॉस्पिटल में आइसोलेशन बेड का चार्ज 24 से 25 हजार रुपये था। आईसीयू (ICU) बेड का चार्ज 34 से 43 हजार था और वेंटिलेटर के साथ आईसीयू का चार्ज 44 से 54 हजार रुपये के बीच था। इनमें पीपीई किट का चार्ज (covid-19 Treatment in delhi private hospitals) शामिल नहीं था।

इस बारे में दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि डीडीएमए (दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) ने कंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से प्रस्थापित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। ये समीति नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल की अध्यक्षता में गठित की गई थी।

कब तक रह सकते हैं हॉस्पिटल में कोरोना मरीज

समिति ने कोरोनावायरस के मरीजों के हॉस्पिटल में रहने की अवधि भी तय कर दी है। समिति ने कहा है कि मरीजों के लक्षणों के आधार पर उन्हें हॉस्पिटल में रखा जा सकता है। मरीज में कोविड-19 का संक्रमण कितना गंभीर है, इसे देखते हुए ही उन्हें हॉस्पिटल में इलाज के लिए रहना होगा। जिन लोगों में कोरोना के माइल्ड लक्षण नजर आते हैं, उन्हें 7 से 10 दिन तक हॉस्पिटल में रहना होगा। वहीं, गंभीर लक्षणों वाले कोरोना मरीजों को कम से कम 1 महीने तक हॉस्पिटल में इलाज के लिए रुकना पड़ सकता है। ऐसे में इलाज की नई दरों से उन मरीजों को राहत मिली है, जो सप्ताह भर प्राइवेट हॉस्पिटल में रहकर अपना इलाज करवाते हैं। लगभग 56 हजार से लेकर 70 हजार और 1,68,000-1,75,000 रुपये तक कम हो जाएगा।

दिल्ली में टेस्टिंग किट की रेट (covid-19 Treatment in Delhi) की बात करें, तो पहले दिल्ली के प्राइवेट लैब में कोरोनावायरस की जांच की दर 4,500 रुपये थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने अब इसे भी फिक्स करके 2,400 रुपये कर दिया है।

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एनसीआर में भी लागू हो सकती हैं ये दरें

शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में कोरोनोवायरस की स्थिति की समीक्षा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस लड़ाई में गुड़गांव, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों को राष्ट्रीय राजधानी से अलग नहीं किया जा सकता है। हालांकि, यह दरें दिल्ली के निजी अस्पतालों पर लागू होती हैं, लेकिन एनसीआर में भी इसे लागू किया जा सकता है। अमित शाह ने कहा, "ये दरें आपसी सलाह के बाद एनसीआर के शहरों के अस्पतालों में लागू की जा सकती हैं।"

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