कोविड-19 के इलाज में बेअसर है प्लाज्मा थेरेपी, ICMR ने कहा, 'कोरोना उपचार प्रोटोकॉल से इसे हटाने की है योजना'

ICMR ने मंगलवार को कहा  कि  प्लाज्मा थेरेपी को अब  कोविड-19 के इलाज के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा।  अभी तक इस थेरेपी को कोविड-19 से पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक के रूप में माना जा रहा है। आईसीएमआर के महानिदेशक (डीजी) बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय नैदानिक प्रोटोकॉल से प्लाज्मा थेरेपी को हटाया जा सकता है। (Plasma Therapy)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 21, 2020 10:29 AM IST

Plasma Therapy for Covid-19 treatment: कोविड-19 इंफेक्टेड लोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाले प्लाज़्मा थेरेपी के बारे में  भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने  एक बड़ा बयान जारी किया है। ICMR ने मंगलवार को कहा  कि  प्लाज्मा थेरेपी को अब  कोविड-19 के इलाज के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा।  अभी तक इस थेरेपी को कोविड-19 से पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक के रूप में माना जा रहा है। आईसीएमआर के महानिदेशक (डीजी) बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय नैदानिक प्रोटोकॉल से प्लाज्मा थेरेपी को हटाया जा सकता है। (Plasma Therapy)

उन्होंने कहा, "हमने कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय कार्यबल के साथ चर्चा की है। हम संयुक्त निगरानी समिति के साथ आगे चर्चा कर रहे हैं और राष्ट्रीय दिशानिर्देशों से प्लाज्मा थेरेपी को हटाने पर विचार कर रहे हैं।"

क्या कोविड-19 के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी नहीं है कारगर?

स्वास्थ्य मंत्रालय की एक वीकली प्रेस ब्रीफिंग में मीडिया से बात करते हुए भार्गव ने कहा, "हम कमोबेश किसी निर्णय की ओर पहुंच रहे हैं (राष्ट्रीय नैदानिक प्रोटोकॉल से प्लाज्मा थेरेपी को हटाने के लिए)।" यह बयान दीक्षांत प्लाज्मा थेरेपी की प्रभावकारिता पर किए गए कई अध्ययनों के मद्देनजर आया है, जिसमें कहा गया है कि इसने गंभीर बीमारी की स्थिति में मृत्युदर को कम नहीं किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, सितंबर 2020 में सामने आए ICMR के एक अध्ययन के परिणाणों से पता चला है कि प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy ) कोविड-19 के गंभीर मरीजों को की जान बचाने में विफल रही है।भारत ने प्लाज्मा थेरेपी की प्रभावकारिता का अध्ययन करने के लिए प्लेसिड परीक्षण नाम से दुनिया का सबसे बड़ा नियंत्रित परीक्षण किया था। देशभर के 39 केंद्रों पर 22 अप्रैल से 14 जुलाई के बीच 464 रोगियों पर परीक्षण किया गया। अध्ययन सितंबर में एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ था। परीक्षण के परिणाम से पता चला कि प्लाज्मा थेरेपी मरीजों को फायदा पहुंचाने में नाकामयाब रही है।

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