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Covid-19 Testing: कोरोना वायरस संक्रमण की टेस्टिंग के लिए अब डॉक्टर की पर्ची की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी बिना डॉक्टर के प्रिस्किप्शन के भी कोरोना वायरस की जांच की जा सकती है। गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आदेश दिया गया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए किसी भी व्यक्ति को डॉक्टर की पर्ची के बिना ही कोविड-19 टेस्ट कराने दिया जाए। कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए बनायी गयी विशेष नेशनल टास्क फोर्स के सुझावों को मानते हुए भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले सप्ताहा आदेश दिया कि अगर कोई भी व्यक्ति अपना कोविड टेस्ट कराना चाहे तो वह बिना किसी डॉक्टरी पर्ची के भी लैब से सम्पर्क कर सकता है और जांच के लिए सैम्पल दे सकता है। (Covid-19 Testing without Prescription)
उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने कोविड के लिए " टेस्टिंग ऑन डिमांड" करने की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार अब उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कोरोना जांच करा सकेगा। इसके लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन दिखाने की आवश्यकता नहीं है।
ऐसे लोग जो कोविड -19 टेस्टिंग कराना चाहते हैं वह उत्तर प्रदेश में किसी भी निजी पैथोलॉजी लैब में जाकर अपना सैम्पल दे सकते हैं और टेस्टिंग करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अब किसी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की भी जरूरत नहीं होगी। हालांकि, टेस्टिंग के लिए वही लोग जा सकेंगे जिन्हें कोविड-19 के लक्षण दिखायी दे रहे हों। इसका मतलब है कि कोविड-19 टेस्ट कराने के लिए उचित कारण बताने होंगे। साथ ही
पैथोलॉजी लैब्स द्वारा घरों से कोविड के सैम्पल को इकट्ठा करने की भी इज़ाज़त दी गयी है।
अपने दिशानिर्देशों में आईसीएमआर अधिकारियों ने यह भी कहा था कि, इस तरह के इंतज़ाम करने के पीछे मकसद यही है कि विशेष तौर पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए टेस्टिंग प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। क्योंकि, कई लोगों को एयर पोर्ट पर यात्रा से पहले स्क्रीनिंग के दौरान कोविड -19 की नेगेटिव रिपोर्ट की आवश्यकता होती है।
ICMR की एडवाइजरी में कहा गया, " आवश्यकता या इच्छा के अनुसार कोविड-19 टेस्टिंग कराने की अनुमति उन सभी लोगों को मिलनी चाहिएचाहिए, जो खुद का कोविड-19 टेस्ट कराना चाहते हैं। साथ ही अन्य राज्यों या देशों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जिन्हें प्रवेश द्वार पर निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है।"
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य अधिकारियों की एक समिति ने भी स्वीकार किया कि इस "सिफारिश को अपनाने में कोई समस्या नहीं थी"। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है। कोविड-19 परीक्षण के लिए घर से नमूने लेने की अनुमति से उन रोगियों को खासी राहत मिलेगी जिन्हें अन्य बीमारियों के इलाज को जारी रखने के लिए नेगेटिव रिपोर्ट की जरूरत होती है।
लखनऊ में एक पैथोलॉजी लैब के मालिक ने कहा, "इससे उन लोगों की मदद होगी, जो प्राइमरी या सेकेंडरी संपर्क के तहत न आने पर टेस्टिंग नहीं करा पाते थे। इस वजह से उन्हें अपनी नौकरी पर वापस लौटने या अपनी अन्य बीमारियों का इलाज कराने में दिक्कतें आ रही थीं।"