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Covid-19 Spread : क्या आंखों से भी फैल सकता है कोरोनावायरस का संक्रमण, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट।
Coronavirus and eyes in Hindi: दुनिया भर में कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 5 लाख से पार हो गई और इस महामारी से मरने वालों की कुल संख्या 22 हजार से अधिक पहुंच गई है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मचारी हर किसी से गुजारिश कर रहे हैं कि जहां अपने हाथों को लगातार धोते रहें या सेनेटाइज करते रहें, वहीं चेहरे को बार-बार छूने से भी बचें।
स्वास्थ्य पत्रिका लेंसेट में हाल ही में बताया गया है कि आंखों के द्वारा कोरोना वायरस के फैलने (Coronavirus and eyes) के कई उदाहरण सामने आए हैं। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि संक्रमित बूंदें और शरीर के तरल पदार्थ आंख की बाहरी परत से अंदर जाकर शरीर में संक्रमण फैला सकते हैं, इसलिए चेहरे पर केवल मास्क पहन लेना काफी नहीं है।
शार्प साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के डायरेक्टर डॉ. कमल कपूर का कहना है कि मुंह और नाक की तरह ही आंख में भी एक म्यूकस की झिल्ली होती है और इसके द्वारा संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है।
जब एक बीमार आदमी खांसी करता है या छींकता है, तो नन्हीं बूंदों के जरिए वायरस आंखों तक पहुंच जाता है और इससे संक्रमण हो सकता है।
जिन लोगों में कोरोनावायरस आ गया है उनके आंसू भी इसे फैला सकते हैं। आंसू को छूना या फिर जिस जगह पर आंसू लगे हैं, उस जगह को छूना संक्रमण का कारण बन सकता है।
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अगर आप संक्रमित स्थान या वस्तु को छूते हैं और फिर अपनी आंखों को छू लेते हैं या रगड़ते हैं, तो आप संक्रमित हो सकते हैं। याद रखें कि आपके हाथ तभी साफ होंगे जब तक आप उन्हें ठीक प्रकार से साबुन से नहीं धो लेते हैं।
1 डॉ. कमल कपूर का कहना है कि कोरोना से बचनेकी आम सावधानियां आपको संक्रमण (Can COVID-19 Affect the Eyes) से बचा सकती हैं, इसलिए अपने हाथ लगातार धोते रहें। कॉन्टैक्ट लेंस को साफ-सुथरा रखें और अपनी आंखों को छूने और रगड़ने से बचें। अपने टी जोन को छूने से बचें।
2 अगर संक्रमण को रोकना है, तो आवश्यक न हो तो भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं। यहां तक कि अस्पताल में भी और अगर आप ऐसे आई टेस्ट या सर्जरी के लिए अस्पताल जा रहे हैं, जिसे टाला नहीं जा सकता तो हाईजीन और हेल्थ के लिए दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करें। यह बहुत जरूरी है, क्योंकि एक छोटा सा टेस्ट आपको और आपके डॉक्टर को इस घातक वायरस की चपेट में ला सकता है।
अगर आपने अपने नेत्र चिकित्सक को दिखाने का समय लिया है, तो उनके बुलाने तक आप बाहर या अपनी कार में इंतजार करें। लॉबी और वेटिंग रूम में भीड़ न लगाएं। खुद को सुरक्षित और बचा कर रखना एक चुनौती है। यह सुनिश्चित करें कि जब आप अपने डॉक्टर को दिखाएं तब आपके मुंह पर मास्क लगा हो। अस्पताल के दरवाजों, कुंडों और रेलिंग को न छुएं। हो सके तो अपने हाथों को सेनेटाइज करते रहने के लिए सेनेटाइजर अपने पास रखें।
डॉ. कमल कहते हैं कि इन दिनों कॉन्टैक्ट लेंस कम लगाएं और चश्मे को प्राथमिकता दें, क्योंकि कॉन्टैक्ट लेंस लगे होने से आपका हाथ बार-बार आंखों के पास जाता है और आप आंखों को छूते हैं। फिर भी आप कॉन्टैक्ट लेंस ही पहनना चाहते हैं, तो लेंस हाईजीन को सुनिश्चित करें। कॉन्टैक्ट लेंस छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धो लें।
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अगर आपकी आंखें ड्राई होंगी तो आप बार-बार उन्हें रगड़ेंगे, इसलिए जब भी मौका मिले अपनी आंखों को अपनी नमी देने वाली दवा से नम करते रहें। अगर आईड्रॉप डालने के लिए आप अपनी आंखें छूते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपने अपने हाथ साबुन और पानी से 20 सेकंड तक धोए हैं।
यह बहुत ही महत्वपूर्ण है इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए। सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी को अपनाना, जिसका अर्थ है एक-दूसरे से उचित दूरी बनाए रखना ताकि इस संक्रमण को फैलने को रोका जा सके और अगर आपको किसी ऐसे व्यक्ति से संपर्क करना है, जो लगातार खांस और छींक रहा है, तो उससे छह फीट की दूरी बनाए रखें। खांसते और छींकते वक्त हमेशा अपने मुंह को रुमाल या टिश्यू पेपर से ढकें।