कोविड-19 के गम्भीर मामलों में दिखीं न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, स्टडी में हुआ खुलासा

अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 मरीज़ों में न्यूरोलॉजिकल सिस्टम से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलीं। वहीं, आईआईटी इंदौर ने एक हालिया रिसर्च के अनुसार, कोविड-19 इंफेक्शन दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 8, 2020 11:34 AM IST

Covid-19 Side Effects: कोविड-19 इंफेक्शन का शरीर के अन्य हिस्सों पर भी बुरा असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि फेफड़ों और पेट के अलावा कोरोना वायरस लोगों के मस्तिष्क पर भी असर करता है। अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 मरीज़ों में न्यूरोलॉजिकल सिस्टम से जुड़ी समस्याएं (Covid-19 and Neurological Problems ) देखने को मिलीं। वहीं, आईआईटी इंदौर ने एक हालिया रिसर्च में इस बारे में खुलासा किया है। इस रिसर्च के अनुसार, कोविड-19 इंफेक्शन दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है। इस रिसर्च में शामिल वैज्ञानिकों का दावा है कि कोविड-19 संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर्स देखने को मिल सकते हैं। (Covid-19 Side Effects on human body)

इन एक्सपर्ट्स का कहना है कि, हमें वायरस को कंट्रोल करने के साथ-साथ महामारी के न्यूरोलॉजिकल प्रभावों के बारे में सोचना होगा। क्योंकि, महामारी के खत्म होने के बाद आने वाले कुछ समय में लोगों में दिमागी सूजन और मेनिनजाइटिस जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलेंगी।

 कोविड-19 के गम्भीर मामलों में दिखीं न्यूरोलॉजिकल समस्याएं

आईआईटी इंदौर के डिपार्टमेंट ऑफ बॉयोसाइंस एंड बॉयोमेडिकल साइंस के 3 प्रोफेसर्स ने एक रिसर्च किया। जिसमें, इस बात पर रिसर्च की गयी कि भविष्य में कोविड-19 की वजह से मानव स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगें। इस रिसर्च पेपर के राइटर्स के अनुसार, उन्होंने इस रिसर्च के दौरान दुनियाभर में कोविड-19 वायरस से जुड़े रिसर्च और स्डटीज़ का अध्ययन किया। इसके अलावा देश के कुछ बड़े अस्पतालों में दाखिल मरीज़ों पर भी ध्यान दिया गया। (Covid-19 Side Effects on brain)

इस रिसर्च के परिणाम दर्शाते हैं कि, कोविड-19 सबसे पहले फेफड़े और श्वसन तंत्र पर असर डालता है। जैसा कि कोरोना वायरस इंफेक्टेड व्यक्ति के दिमाग और नर्वस सिस्टम में  भी प्रवेश कर सकता है और यह बात पुष्ट भी हो चुकी है। इसीलिए भविष्य में यह वायरस लोगों के दिमाग पर असर डाल सकता है। दरअसल, शरीर में मौजूद  एस-टू रिसेप्टर्स के माध्यम से वायरस शरीर में प्रवेश करता है। यह रिसेप्टर शरीर के अंदरूनी अंगों में मौजूद होते हैं, जिससे वहां पहुंचकर वायरस उस अंग को प्रभावित करता है।

यह भी पढ़ें-

कोविड-19 की चपेट में आ चुकी है दुनिया की 10 प्रतिशत आबादी, WHO ने दिया बयान

गिलोय और तुलसी के पत्तों से लेकर योगा टिप्स, आयुष मंत्रालय ने बताया आयुर्वेद की मदद से कैसे हो सकता है कोविड-19 का इलाज

गंध और स्वाद ना समझ आना है कोरोना का सबसे महत्वपूर्ण लक्षण, रिसर्च में हुआ खुलासा

हर्ष वर्धन ने कहा, सुरक्षा के लिए विदेश में विकसित कोरोना वैक्सीन की होगी जांच

घर के अंदर भी फैल सकता है कोविड-19 संक्रमण, एक्सपर्ट्स ने कहा बचाव के लिए साफ हवा और हाइजिन ज़रूरी

आयुर्वेद में कॉन्स्टिपेशन से राहत पाने के लिए गुड़ को बताया गया है कारगर, खाली पेट पीएं गुड़ और गर्म पानी होगें ये 4 फायदे