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Covid-19 Resurgence: कुछ सप्ताह बाद आ सकती है कोरोना वायरस की दूसरी लहर, एक्सपर्ट्स ने किया दावा

वैज्ञानिकों ने चेताया है कि आनेवाले कुछ सप्ताह में कोविड-19 संक्रमण का दूसरा दौर शुरु हो सकता है। इसके लिए उन्होंने साल 1918 के फ्लू का उदाहरण दिया है। जिसने, सर्दियों के मौसम में जोर पकड़ा और कई लाख लोगों की मृत्यु का कारण बना।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 11, 2020 9:22 PM IST

Second Wave of Covid Infection: स्पेन की हेल्थ मिनिस्ट्री ने बुधवार को यह जानकारी दी कि पिछले 3 दिनों में उनके देश में कोविड-19 से किसी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुयी है। इसी तरह दुनिया के अन्य हिस्सों से भी संक्रमण (Coronavirus Infection) और उससे होने वाली मृत्युदर में कमी आने की बातें कही जा रही हैं। भले ही यह ख़बर राहतभरी महसूस हो रही है। लेकिन,  वैज्ञानिकों ने चेताया है कि आनेवाले कुछ सप्ताह में कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) का दूसरा दौर शुरु हो सकता है। इसके लिए उन्होंने साल 1918 के 'स्पैनिश फ्लू'  (Spanish Flu) महामारी का उदाहरण दिया है। जिसने, सर्दियों के मौसम में जोर पकड़ा और कई लाख लोगों की मृत्यु का कारण बना।

गौरतलब है कि चीन, अमेरिका और जापान में कोरोना वायरस महामारी का दूसरा चरण (Second Wave of Covid Infection) शुरु हो चुका है। इन दिनों अमेरिका के टेक्सास, फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया में  कोविड के जो नये मामले सामने आए हैं, उन्हें इंफेक्शन की दूसरी लहर के तौर पर बताया जा रहा है। (Second Wave of Covid Infection in hindi)

क्या है स्पैनिश फ्लू? (Spanish Flue)

एक्सपर्ट्स, स्पैनिश फ्लू अबतक की सबसे खतरनाक बीमारी बताते हैं। इसे 'मदर ऑफ ऑल पैंडेमिक्स' कहा जाता है। साइंटिस्ट के अनुसार, स्पैनिश फ्लू की वजह से उस समय की एक-तिहाई आबादी को इंफेक्शन हो गया था।  1918 में पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाले इस इंफ्लूएंजा ने ऐसे लोगों को भी संक्रमित किया था, जिनकी उम्र 20-30 साल के बीच थी और इन लोगों का  इम्यून सिस्टम को बेहतर था। 1918 के पतझड़ के मौसम के आसपास  इस बीमारी का दूसरा दौर शुरु हुआ, जो पहले दौर की तुलना में कहीं ज़्यादा गम्भीर और जानलेवा साबित हुआ था।

क्यों हो रहा है दूसरी बार कोरोना का प्रकोप (What Can Lead To A Second Wave?

जहां भारत अभी भारत पहले ही चरण में कोरोना से जूझ रहा है। देश में पिछले ढाई महीनों से  लॉकडाउन चल रहा है। जिसे,  आर्थिक नुकसान की वजह से धीरे-धीरे खोला जा रहा है। हालांकि, अब  जब धीरे-धीरे नियमों में छूट दी जा रही है और लोगों को बाहर आने -जाने की इज़ाज़त मिल रही है। ऐसे में एक्सपर्ट्स के अनुसार इसी अनलॉक और सोशल डिस्टेंसिंग के कम होने के चलते देश में कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं।

सार्स कोवी-2 (SARS-CoV-2) से बचने के लिए क्या किया जा सकता है (Second Wave of Covid Infection):

  • क्या आप लॉकडाउन की बंदिशों से बोर हो चुके हैं। आपकी तरह  ही और बहुत से लोग हैं जो, सावधानियां बरत कर और नियम-कानून पालते हुए थक गए हैं। इसीलिए, वे अनलॉक का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन,  आपको यह समझना होगा कि इन नियमों का पालन करना बहुत ज़रूरी है। इसीलिए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
  • एक्सपर्ट्स के अनुसार साफ-सफाई के मामले में आलस या लापरवाही आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
  • सरकार, हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों द्वारा दी गयी सुरक्षा गाइडलाइन्स का पूरी तरह पालन करें।
  • लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी इस समस्या का खतरा बना रह सकता है। इसीलिए, अपनी सेहत का ख्याल रखें।
  • इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक उपाय करें।

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