हाई ब्लड प्रेशर की दवा से कोविड मरीजों को खतरा नहीं, रिसर्च में खुलासा

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (COVID-19 Research) ने अप्रैल 2020 में एक ​रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि हॉस्पिटल में कोरोनावायरस से संक्रमित 72 फीसदी मरीज या तो 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं या फिर हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित हैं।

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : June 16, 2020 2:32 PM IST

COVID-19 Research : कोविड-19 के मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर की दवाओ से अधिक खतरा नहीं है। यह खुलासा नए शोध में हुआ है। इससे पहले कुछ विशेषज्ञों ने इसे लेकर आशंक जताई है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (COVID-19 Research) ने अप्रैल 2020 में एक ​रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि हॉस्पिटल में कोरोनावायरस से संक्रमित 72 फीसदी मरीज या तो 65 वर्ष से अधिक उम्र के हैं या फिर हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित हैं।

इस रिपोर्ट के बाद ब्लड प्रेशर कम करने वाली दो दवाओं एसीई और एआरबी (High Blood Pressure Medicine) की जांच की गई। इस जांच में पता चला कि कोरोनावायरस फेफड़ों पर हमला करने के लिए जिस जैविक मार्ग का उपयोग करता है, वह मार्ग ठीक एसीई और एआरबी की तरह कार्य करता है।

Coronavirus in India: आईसीएमआर का दावा, भारत में कोरोनावायरस के मामले मध्य नवंबर तक अपने शीर्ष पर होंगे

इस जांच के बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बयान जारी करते हुए कहा था कि जब तक इन दवाओं के बारे में सही जानकारी नहीं मिलत है, तब तक के लिए इसके उपयोग पर रोक लगा देनी चाहिए। वहीं, दूसरों का तर्क था कि मरीजों को लगातार दवा लेनी चाहिए। वहीं, बाल्टीमोर में जॉन्स हॉपकिन्स सेंटर फॉर ड्रग सेफ्टी एंड इफेक्टिविटी (COVID-19 Research) के विशेषज्ञ ने इसे सबसे महत्वपूर्ण बहस बताया।

ना करें इलाज बंद

हाई ब्लड प्रेशर की दवाओं पर हुए नए शोध को शुक्रवार को प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन में कहा गया है कि एसीई और एआरबी का उपयोग अन्य दवाओं की तुलना में मरीजों के लिए खतरनाक नहीं है। इस अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने मरीजों को कोविड-19 से बचने के लिए अपना इलाज ना बंद करने की सलाह दी है। इस अध्ययन में संयुक्त राज्य अमेरिका और स्पेन के 1.1 मिलियन मरीजों को शामिल किया गया है। इसमें मरीजों पर हाई ब्लड प्रेशर की दवाओं का इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया है।

आश्वस्त करने वाला निष्कर्ष 

इस अध्ययन के नेतृत्वकर्ता और कैलिफोर्निया यूनिर्वसिटी के बायोस्टैटिस्टिशियन मार्क सुचर्ड ने कहा कि यह निष्कर्ष काफी आश्वस्त करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि एसीई या एआरबी लेना उतना ही सुरक्षित है, जितना कि हाई ब्लडप्रेशर की अन्य दवाओं का सेवन करना।

बिस्तरों की सतह पर छूटा वायरस कुछ ही घंटों में पूरे हॉस्पिटल को कर सकता है संक्रमित

सब्जी और फलों के माध्यम से आपके घरों में घुस सकता है कोरोनावायरस, इस तरह रखें परिवार को सुरक्षित

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source