Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
आपने कोविड के ढेर सारे लक्षणों के बारे में पहले ही जान लिया होगा, जिसमें खांसी, सर्दी, थकान और गले में खराश शामिल होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोविड -19 से संक्रमित होने के बाद लोगों को कान में घंटी जैसी आवाज सुनाई देती है। कोविड टंग के बाद एक्सपर्ट इस स्थिति को कोविड ईयर बता रहे हैं और इस स्थिति से पीड़ित लोगों को कान में दर्द, चक्कर आना, कान बजना या टिनिटस जैसे लक्षण दिखाई देते हैं और कुछ स्थितियों में उनके सुनने की शक्ति भी प्रभावित होती है।
न्यूयॉर्क स्थित बफेलो यूनिवर्सिटी और बोस्टन स्थित हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के आई एंड ईयर इंस्टीट्यूट ने 2021 में एक अध्ययन किया था, जिसमें कान के मध्य और आंतरिक हिस्से की कोशिकाओं पर वायरस के प्रभाव का पता लगाने की कोशिश की गई थी।
हालांकि अभी तक ओमिक्रोन वेरिएंट से पीड़ित लोगों में कोविड ईयर के कितने मामले सामने आए हैं और इसकी दर कितनी है, इसका पता लगाने के लिए कोई ठोस आधार नहीं मिला है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि कोविड पॉजिटिव 8 से 15 फीसदी लोगों में ये समस्या हो सकती है।
कान का बजना, झनझनाहट महसूस होना या फिर कान का सुन्न हो जाना टिनिटस के कारण भी हो सकता है, जो कि बुजुर्गों में पाई जाने वाली एक आम समस्या है। ये आमतौर पर उम्र के साथ-साथ सुनने की क्षमता में कमी, कान में चोट लगना या फिर संचार प्रणाली की समस्या के कारण भी हो सकती है। कान का बजना किसी भी वक्त होनी वाली समस्या और ये अपने आप ठीक हो भी जाती है। लेकिन कुछ स्थितियों में परेशानी भरा साबित हो सकता है और चिंता, हाई ब्लड प्रेशर, चक्कर, अनिद्रा और सुनने की क्षमता कम होने का कारण बन सकता है।
एक्सपर्ट की मानें तो कोविड -19 की दूसरी लहर के बाद ओपीडी में सामान्य की तुलना में लगभग 6 फीसदी अधिक रोगियों ने इस समस्या की बात कही। ये रोगी मुख्य रूप से 40 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के थे।
हालांकि इस लक्षण और वायरस के बीच की कड़ी का अभी भी पता नहीं लगाया जा सका है लेकिन अध्ययन बताते हैं कि कोक्हेलर सेल्स, बाल कोशिकाएं और कान में मौजूद सुनने वाली कोशिकाएं समान रिसेप्टर्स को व्यक्त करती हैं जो कोविड -19 वायरस के प्रोटीन से जुड़ जाती हैं।
एक्सपर्ट बताते हैं कि ये वायरस सूजन का कारण बन सकता है और संवहनी प्रणाली व शारीरिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। ये एक प्रकार का तंत्र है, जो हमारे कान के मध्य और अंदरुनी हिस्से में एक अहम भूमिका निभाता है, जिसके परिणामस्वरूप कान से निरंतर बजने की आवाज आती है।