
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 19, 2022 11:00 AM IST
Neurological problems post covid: कोविड-19 संक्रमण होने के बाद लोगों में कई प्रकार की मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। दि लैंसेट साइकाट्री (The Lancet Psychiatry) में प्रकाशित एक नयी स्टडी के अनुसार, कोविड-19 से संक्रमित लोगों में डिमेंशिया (dementia), सीजर्स (seizures) और ब्रेन फॉग (brain fog) जैसी मानसिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इस स्टडी के अनुसार, श्वसन मार्ग संबंधित अन्य बीमारियों की तुलना में कोविड-19 के मरीजों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का रिस्क 2 साल तक अधिक बना रह सकता है। (Risk of Neurological problems post covid-19 in Hindi)

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (University of Oxford, UK) के शोधकर्ताओं द्वारा की गयी इस स्टडी में पाया गया कि कोविड के बाद महसूस होने वाला डिप्रेशन (depression) और एंग्जायटी (anxiety) केवल कुछ समय तक होती है और इसके गम्भीर होने के कम ही मामले सामने आए हैं। इस स्टडी के लेखक प्रोफेसर पॉल हैरिसन (said Professor Paul Harrison, from the varsity's Department of Psychiatry) का कहना है कि, "यह एक सकारात्मक संकेत है कि कोविड-19 के बाद मरीजों में डिप्रेशन और एंग्याजटी केवल कुछ समय के लिए होती है और बच्चों में इन मानसिक समस्याओं के लक्षण नहीं देखे गए। हालांकि, चिंता की बात यह है कि मेंटल हेल्थ से जुड़े कुछ अन्य डिसॉर्डर जैसे डिमेंशिया और सीजर्स कोविड संक्रमण के दो वर्षों बाद तक बने रह सकते हैं।"
स्टडी के परिणामों के अनुसार कोविड-19 संक्रमित लगभग 12 लाख लोगों पर किए गए अध्ययन के दौरान दो वर्षों में 14 अलग-अग तरह की साइकोलॉजिकल और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का रिस्क देखा गया। जबकि, श्वसन मार्ग से जुड़ी अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों की तुलना में इन लोगों में ये समस्याएं अधिक देखी गयीं। कोरोना महामारी की हर लहर के साथ इकट्ठा किए गए डेटा की जांच करने के बाद यह भी देखा गया कि,