संक्रमित मां के दूध से होगा मरीजों का इलाज, 30 महिलाओं में मिली एंटीबॉडी

नीदसलैंड्स स्थित एमा चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल व अन्य अस्पतालों के संयुक्त सहयोग से यह अध्ययन किया जा रहा है। इस अध्ययन का पहला चरण अप्रैल में पूरा किया गया। वैज्ञानिकों ने 100-100 ग्राम दूध दान देने की अपील उन महिलाओं से की है, जो कोरोना से संक्रमित हो चुकी हैं और शिशुवत मां हैं।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : August 25, 2020 11:25 AM IST

Coronavirus and Breast Milk : कोरोनावायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस वायरस से मरीजों को बचाने के लिए दूध का सहारा लिया जाएगा। क्योंकि हाल ही में 30 महिलाओं के दूध में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गईं है। डच वैज्ञानिकों का कहना है कि प्लाज्मा थेरेपी की तरह ही अब मां के दूध का इस्तेमाल भी एंटीबॉडी के रूप में किया जा सकता है। मां के दूध का प्रयोग करके कोरोना पॉजिटिव मरीजों के शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा पैदा की (Coronavirus and Breast Milk ) जाएगी।

मां के दूध का आइस क्यूब बनाकर किया जाएगा मरीजों का इलाज

इस बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर कोरोना से संक्रमित मां के दूध का आइस क्यूब मरीजों को चूसने के लिए दिया जाए, तो यह उनमें प्रतिरक्षा विकसित करेगी। डच ब्रेस्ट मिल्स बैंक के प्रमुख और शोधकर्ता व्रिट सैम ने इस बारे में कहा कि मां के दूध का आइस क्यूब चूसने से मरीजों के शरीर में मौजूद सभी म्यूकस मेंबरेंस में एंटीबॉडी पहुंच सकती है।  म्यूकस शरीर में एक मोटी परत होती है जो शरीर के श्वसन तंत्र और अन्य हिस्सों को बाहरी रोगाणुओं के प्रवेश से रोकती है। जब इस इस एंटीबॉडी प्रोटीन मिश्रित हो जाएंगी तो कोरोनावायरस शरीर में प्रवेश (Coronavirus and Breast Milk ) नहीं कर सकेंगे।

बुजुर्ग मरीजों को होगा लाभ 

शोधकर्ता ब्रिट वैन कुलेन इस बारे में कहना है कि यह आइस क्यूब उन बुजुर्गों को अधिक लाभ पहुंचाएगा, जो घर में रहकर ही कोरोना का इलाज करवा रहे हैं। यानी वे लोग इससे अधिक लाभ पा सकेंगे, जो वायरस के रिस्क ग्रुप में आते हैं। वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में 30 कोरोना से संक्रमित शिशुवती महिलाओं के दूध में एंटीबॉडी पाई। उन्होंने अपने अध्ययन में देखा कि ये एंटीबॉडी इतने अधिक शक्तिशाली हैं कि इससे स्वस्थ और संक्रमित दोनों तरह के लोगों के शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा पैदा की जा सकती है।

पांच हजार मांएं करेंगी अपना दूध दान

नीदसलैंड्स स्थित एमा चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल व अन्य अस्पतालों के संयुक्त सहयोग से यह अध्ययन किया जा रहा है। इस अध्ययन का पहला चरण अप्रैल में पूरा किया गया। वैज्ञानिकों ने 100-100 ग्राम दूध दान देने की अपील उन महिलाओं से अपील की है, जो कोरोना से संक्रमित हो चुकी हैं और शिशुवत मां हैं। ताकि इसपर और अधिक अनुसंधान हो सके। अब तक इस मामले में पांच हजार महिलाएं आगे आई हैं।

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