
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 18, 2020 9:01 AM IST
फाइजर को वैक्सीन के लिए चाहिए आपात अनुमति
Coronavirus Pandemic: कोरोना वायरस महामारी से दुनियाभर के लोग परेशान हैं। वहीं भारत में भी 88 लाख लोगों को अब तक कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) हो चुका है। भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) का इंतज़ार हो रहा है। इस जानलेवा संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 वैक्सीन को एक बड़ी मदद के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन, इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बयान दिया है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन से बहुत अधिक उम्मीद करना ठीक नहीं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रियेसिस ने कहा है कि, कोरोना वैक्सीन के आ जाने के बाद भी पूरी तरह से निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता कि, वैक्सीन लगने के बाद लोगों के लिए कोरोना वायरस का ख़तरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। क्योंकि कोरोना वायरस महामारी को पूरी तरह रोक पाने में कोविड-19 वैक्सीन अकेले कारगर नहीं होती है। (Coronavirus Pandemic Spread and Covid-19 Vaccine)
सोमवार को एक बयान देते हुए टेड्रोस ने कहा कि कोरोना वैक्सीन आ जाने के बाद पहले से मौजूद अन्य माध्यमों को मज़बूती तो मिलेगी, पर यह उनका पर्याय नहीं बन सकेगी। मीडिया से बात करते हुए टेड्रोस ने कहा कि, अकेले कोरोना की वैक्सीन के माध्यम से कोरोना संक्रमण को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।
वहीं, WHO प्रमुख ने कहा कि, कोरोना की वैक्सीन आने के बाद सबसे पहले इसका टीका, फ्रंटलाइन वर्कर्स, बुज़ुर्गों, हेल्थकेयर वर्कर्स और ऐसे लोगों को दी जाएगी, जिन्हें हाई रिस्क ग्रुप में गिना जाता है। हालांकि, इस वैक्सीन की खुराक देने के बाद इस बात की उम्मीद की जा सकती है कि कोविड-19 की वजह से भविष्य में होने वाली मृत्युदर को नियंत्रित किया जा सकता है।
टेड्रोस ने कहा कि, वैक्सीन आने के बाद भी कोरोना वायरस के प्रसार के लिए माहौल बना रहेगा। इसीलिए, अधिक सावधान रहने की ज़रूरत पड़ेगी। लोगों को टेस्टिंग कराना पड़ सकता है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और हाइजिन का ध्यान भी रखना होगा। जबकि, इम्यूनिटी को बढ़ाने और मज़बूत बनाए रखने के प्रयास भी करने होगें।