
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 16, 2020 12:02 AM IST
Covid-19 Infection Risk: कोरोना वायरस महामारी दिन-ब-दिन गम्भीर होती जा रही है और इस बीमारी से हमारे देश का हर राज्य के लोग प्रभावित हैं। कोविड-19 इंफेक्शन का खतरा कुछ विशेष प्रकार के लोगों को अधिक है। इन हाई रिस्क ग्रुप्स में 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और 10 साल से छोटे बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, डायबिटीज़, लंग्स डिज़िज़ेज़ और कैंसर के मरीज़ों को भी इस जानलेवा वायरस का ख़तरा बहुत अधिक है। एक्सपर्ट्स ने कहना है कि ऐसे व्यक्ति जो लंग्स और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के मरीज़ हैं, उन्हें कोरोना महामारी का ख़तरा बाकी हाई रिस्क ग्रुप्स की तुलना में अधिक है। इसीलिए, महामारी के दौरान उनका विशेष ध्यान रखने की ज़रूरत है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए पद्मभूषण डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा, "कोविड का संक्रमण मुंह, नाक से ही होकर फेफड़े में फैलता है उसे नुकसान पहुंचाता है। इस स्थिति में ऑक्सीजन की कमी होने से रक्तवाहिनियों में खून के थक्के बनने लगते है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन में भी रूकावट आती है। इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ होने और शरीर में ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत हो सकती है।
प्रसिद्ध हार्ट स्पेशलिस्ट और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने भी इस बारे में बताया कि कोरोनावायरस फेफड़ों और दिल को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि, राहतभरी बात यह है कि भारत में अब तक हृदय को नुकसान पहुंचने के ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं। डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि, "भारत में अब तक कोरोवायरस संक्रमण के जो मामले आ रहे हैं उनमें लॉस ऑफ स्मेल (यानि गंध का पता न चलना), लॉस ऑफ टेस्ट (स्वाद ना समझ आना) और बुखार जैसी समस्याएं मुख्य लक्षण के तौर पर ज़्यादा दिखायी पड़ रही है फीवर की शिकायतें ज्यादा मिल रही हैं।" इसका अर्थ है कि कोरोना के ज्यादातर संक्रमित लोगों की सूंघने और स्वाद लेने की शक्ति कम हो जाती है और उनमें बुखार की स्थिति भी अधिक देखी गयी है।
डॉ. अग्रवाल ने आने वाले समय में भारत में कोविड के प्रसार के बारे में बात करते हुए ने कहा, "घर-घर में कोविड-19 फैल चुका है और जिस तरीके से लगातार फैल रहा है, अब मामले आने वाले दिनों में बढ़ जाएगी, यह चिंता की बात नहीं है, बल्कि इससे कैसे लोगों को बचाना है इस पर ध्यान देने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि यह सीरियस कोविड नहीं है, इसलिए मामले बढ़ भी जाते हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है।
गौरतलब है कि, कोविड-19 सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस-2 (सार्स-सीओवी-2) के संक्रमण से होने वाली बीमारी है जो सबसे पहले चीन के वुहान शहर में फैली, लेकिन अब वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी है और पूरी दुनिया में चार लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है और इसके संक्रमण के करीब 80 लाख मामले आ चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के 3,32,424 मामले आ चुके हैं जिनमें से 9520 लोगों की मौत हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, कोरोना से संक्रमित हुए 169798 लोग स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 153106 सक्रिय मामले हैं जिनका उपचार चल रहा है।