
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 16, 2020 10:25 PM IST
दुनियाभर में केवल 10 प्रतिशत युवाओं को ही हुआ कोविड संक्रमण, WHO ने बताया 20 वर्ष से कम उम्र वाले महामारी से अब तक सुरक्षित
Covid-19 Infection: कोरोना वायरस महामारी के वैश्विक मामले बहुत जल्द 3 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है। वहीं भारत में, बीते 24 घंटों में कोविड-19 के 90,123 नए मामलों के साथ बुधवार को देश में संक्रमण के कुल मामले 50 लाख के आंकड़े को पार कर गए। वहीं इसी अवधि में 1,290 लोगों ने संक्रमण के कारण अपनी जान गवां दी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले 50,20,359 से अधिक हो गए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों का कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आना दुनियाभर के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। हर उम्र के लोग इस जानलेवा इंफेक्शन (Covid-19 Infection) की चपेट में आ रहे हैं। (Coronavirus Outbreak in India) लेकिन, इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने खुलासा किया है कि 20 वर्ष से कम आयु के लोगों में कोविड-19 इंफेक्शन की दर बहुत कम है। (Covid-19 Infection in Kids)
वैश्विक स्तर पर दर्ज किए गए कोविड-19 के कुल मामलों में 20 साल से कम उम्र के मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम है, वहीं संक्रमण से हुई मौतों में उनकी हिस्सेदारी 0.2 प्रतिशत से कम है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने कहा कि बच्चों और किशोरों के बीच इस गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम पर अभी भी अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अधानोम घेब्रेयेसस ने मंगलवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "हम जानते हैं कि यह वायरस बच्चों को मार सकता है, लेकिन बच्चों में संक्रमण का मामूली असर होता है और बच्चों और किशोरों में कोविड-19 से बहुत कम गंभीर मामले और मौतें सामने आई हैं।"
हालांकि संक्रमित बच्चों और किशोरों पर संक्रमण के संभावित दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव के बारे में अभी सटीक जानकारी नहीं मिली हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे बड़े पैमाने पर वायरस के कई गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों से बचे रहे हैं, लेकिन ट्रेडोस ने बताया दी कि उन्हें अन्य तरीकों से नुकसान उठाना पड़ा है। उदाहरण के लिए, कई देशों में आवश्यक पोषण और टीकाकरण सेवाएं बाधित हो गई हैं, और लाखों बच्चे स्कूली शिक्षा से महीनों से दूर हैं।
इस बीच, जैसा कि कई देशों में स्कूल फिर से खुल रहे हैं, डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने न सिर्फ सरकारों और परिवारों को, बल्कि समुदायों में भी सभी एहतियातों का पालन करने के साथ स्कूल में बच्चों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन देशों में स्कूल बंद हैं, वहां दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा की निरंतरता की गारंटी दी जानी चाहिए।