ICU में भर्ती कोविड-19 मरीज़ों को है ब्रेन डिस्फंक्शन का खतरा, नयी स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

इस स्टडी में बताया गया है कि कोरोना वायरस महामारी के शुरुआती दिनों (मार्च 2019 के आसपास का समय) में कोविड-10 से संक्रमित होने वाले और आईसीयू में भर्ती मरीज़ों में श्वास संबंधी समस्याएं तो हुई ही हैं। लेकिन, ऐसे मरीज़ों में दिमाग के ठीक तरीके से काम नहीं करना, उलझन, भूलने की बीमारी और यहां तक कि कोमा में जाने जैसी समस्याएं बहुत अधिक देखी गयीं। (Covid-19 Effects on Brain)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 11, 2021 11:28 AM IST

Covid-19 Effects on Brain: कोरोना वायरस इंफेक्शन से जुड़े एक नयी स्टडी में कई बड़े खुलासे किए गए हैं। इस स्टडी को कोरोना पर आधारित अब तक की सबसे बड़ी स्टडी कहा जा रहा है। इस स्टडी में बताया गया है कि कोरोना वायरस महामारी के शुरुआती दिनों (मार्च 2019 के आसपास का समय) में कोविड-10 से संक्रमित होने वाले और आईसीयू में भर्ती मरीज़ों में श्वास संबंधी समस्याएं तो हुई ही हैं। लेकिन, ऐसे मरीज़ों में दिमाग के ठीक तरीके से काम नहीं करना, उलझन, भूलने की बीमारी और यहां तक कि कोमा में जाने जैसी समस्याएं बहुत अधिक देखी गयीं। (Covid-19 Effects on Brain)

ICU में भर्ती कोविड-19 मरीज़ों को है ब्रेन डिस्फंक्शन का खतरा

इस स्टडी के परिणाम 'द लांसेट रेसपीरेटरी मेडिसीन' जर्नल में प्रकाशित किए गए। जिसके अनुसार, स्टडी के दौरान 28 अप्रैल 2020 से पहले सामने आए कोविड-19 के 2 हजार मरीजों में डिल्यूजन और कोमा में जाने जैसी स्थितियों पर विशेष ध्यान दिया गया। इस स्टडी में  14 देशों में 69 आईसीयू में रखे गए कोविड-19 मरीजों को शामिल किया  गया। वांडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर (अमेरिका ) के साइंटिस्ट्स की अगुवाई वाली एक टीम के रिसर्च  के मुताबिक दवाइयों  के सेवन और परिवार से मिलने पर रोक जैसे कारणों से इन मरीजों के दिमाग की कार्यप्रणाली पर पड़ने वाले प्रभाव भी ब्रेन डिस्फंक्शन्स की इस स्थिति में अहम भूमिका निभाते हैं।

मौत और डिमेंशिया का खतरा भी ज्यादा

एक्सपर्ट्स के अनुसार,  आईसीयू में भर्ती मरीज़ों में मतिभ्रम का संबंध उच्च चिकित्सा खर्च और मौत के खतरे से सबंधित पाया गया है। इससे लम्बे समय तक आईसीयू रिलेटेड डिमेंशिया का खतरा भी बढ़ जाता है। स्टडी के परिणाम दर्शाते हैं कि

  • आईसीयू में रखे जाने वाले मरीजों में 82 फीसदी 10 दिनों तक लगभग कोमा की स्थिति में थे।
  • जबकि 55 फीसदी में 3 दिन तक मतिभ्रम (हैलुसिनेशन) की स्थिति देखी गयी।
  • इस स्टडी के मुताबिक, आईसीयू में भर्ती मरीजों के मस्तिष्क के कार्य को बुरी तरह बाधित करने की स्थिति औसतन 12 दिनों तक देखी गयी
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