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Written By: Anshumala | Updated : May 2, 2020 4:04 PM IST
Covid-19 Effect: क्या अगले दो वर्षों तक रहेगा कोरोना का असर? जानें, क्या है विशेषज्ञों का कहना।
Covid-19 Effect: देश और दुनिया में कोरोनावायरस संक्रमण (Coronavirus infection) का कहर फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है। आए दिन कोरोनावायरस से संंबंधित नए-नए शोध और खुलासे होते रहते हैं। भारत में भी कोविड-19 (Covid-19) का कहर लगातार बढ़ ही रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की गंभीरता को देखते और समझते हुए लॉकडाउन (Lockdown in india) को 4 मई से लेकर 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। अभी भी देश के कई ऐसे शहर हैं, जो रेड जोन में हैं। ये ऐसी जगहे हैं, जहां हालात बहुत ही गंभीर बने हुए हैं। लोग अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हो गए हैं। उनके अंदर तनाव और डर काफी बढ़ रहा है। ऐसे में अब सबके मन में एक ही सवाल बार-बार उठ रहा है कि ये कोरोनावायरस का कहर (Coronavirus pandemic) दुनिया से कब जाएगा?
इतना तो तय है कि कोरोना से आपका पीछा इतनी जल्दी नहीं छूटने वाला है। ऐसा हम नहीं, बल्कि कुछ विशेषज्ञों का कहना है। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है, जो बेहद चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus pandemic) अभी आने वाले दो वर्षों (Covid-19 effect continues) तक जारी रहेगा। अमेरिका के सेंटर फॉर इनफेक्शियस डिजीज, टुलाने यूनिवर्सिटी (tulane university) और हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के तीन विशेषज्ञों ने मिलकर इस रिपोर्ट को तैयार किया है।
यह रिपोर्ट ब्लूमबर्ग में छपी है, जिसमें कहा गया है कि कोरोनावायरस फ्लू (Flu) से काफी अलग है। इस पर काबू पाना आसान नहीं है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अभी भी ऐसे हजारों लोग हैं, जिनमें कोविड-19 के लक्षण (Asymptomatic) नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोग साइलेंट कैरियर हैं, जो दूसरों में भी इस संक्रमण को फैलाने का काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकतर ऐसे लोगों में लक्षण तब नजर आ रहे हैं, जब उनमें संक्रमण गंभीर रूप से फैल चुका होता है।
फिलहाल देश-दुनिया में लॉकडाउन के कारण अरबों लोग अपने घरों में बंद हैं, इसलिए कोरोना का भयंकर रूप अभी भी देखने को नहीं मिला है, लेकिन जैसे ही लॉकडाउन खुलेगा हर जगह भीड़ ही भीड़ होने के कारण वायरस का खतरा दोबारा (Covid-19 effect continues) से बढ़ जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि कई देशों में अभी भी टेस्टिंग पर्याप्त नहीं हो रही है। जिमनें इसके लक्षण नहीं नजर आ रहे हैं, वो संक्रमण करने के चेन को आगे बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि वैक्सीन बनाने में तमाम देशों के वैज्ञानिक लगे हुए हैं और वैक्सीन बनने में अभी भी वक्त है। इस वायरस की वैक्सीन आ भी गई तो यह महामारी 2022 तक बनी रह सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि आते ही यह वैक्सीन हर लोगों के पास नहीं पहुंच जाएगा। यह सिर्फ 65 से 70 प्रतिशत लोगों तक ही पहुंच सकेगी।
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रिपोर्ट के अनुसार, देश-दुनिया के तमाम वैज्ञानिक इस महामारी से बचने के लिए वैक्सीन बना रहे हैं और संभवत: इस साल के अंत में वैक्सीन उपलब्ध भी हो, लेकिन जिस कदर जनसंख्या है, उस अनुसार हर किसी के पास वैक्सीन पहुंचना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। ऐसे में कोविड-19 महामारी का खतरा आने वाले एक-दो वर्षों तक बने रहने की काफी संभावना है। ऐसे में उन देशों की सरकारों को खासकर इसके जोखिम के प्रति लोगों को आगाह करना होगा, जहां यह महामारी अभी भी गंभीर रूप से फैल रही है। ऐसे में लोगों को खुद ही सचेत और जागरूक रहना होगा।
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हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में यह बात कही गई थी कि कोरोनावायरस का जब तक कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं होता, तब तक इस कोविड-19 महामारी को खत्म करना (Covid-19 effect continues till 2022) असंभव है। इलाज ना होने के कारण कोरोनावायरस फ्लू की तरह रह सकता है। ऐसे में 2025 तक इससे संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा। ऐसे में अभी दो-तीन वर्षों तक सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) के महत्व को समझते हुए इसका पालन करना होगा।
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