
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 6, 2020 7:01 AM IST
कोविड-19 से मृत्यु के मामले दिल्ली में सबसे कम, सत्येंद्र जैन का दावा, 'बाकी सभी महानगरों में मृतकों की संख्या अधिक'
Covid-19 Deaths in Delhi: राजधान दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार को राज्य में एक बार फिर 6 हजार से अधिक मामले (Coronavirus Cases in Delhi) सामने आए हैं। वहीं, शहर में वायु प्रदूषण (Air Pollution) भी बहुत अधिक बढ़ गया है। इसी के मद्देनज़र राज्य में दिवाली के पटाखे (Diwali Firecrackers ban in Delhi) जलाने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। लेकिन, इस बीच दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि कोरोना वायरस संक्रमितों की तादाद बढ़ने के बावजूद दिल्ली में कोविड-19 मृत्यु (Coronavirus Deaths) दर नियंत्रण से बाहर नहीं हुई है। (Covid-19 Deaths in Delhi updates)
बता दें कि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस से बड़े शहरों में हर 10 लाख की जनसंख्या पर हुई मौतों के मामले में दिल्ली 17वें स्थान पर है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने इस बारे में कहा कि, "कोविड-19 संक्रमण से होने वाली मौतों के मामले में सभी मेट्रो शहरों में भी दिल्ली सबसे पीछे है। दिल्ली में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मुंबई, चेन्नई, कोलकत्ता और बेंगलुरू की तुलना में मृत्यु दर काफी कम है।"
गौरतलब है कि, गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी जिलों के डीएम, स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों के साथ एक रिव्यू मीटिंग की। इस मौके पर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने अधिकारियों को एहतियातन राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 मरीज़ों के लिए अतिरिक्त बेड का इंतज़ाम करने के लिए भी आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आंकड़ों के आधार पर कहा,
इस मौके पर सत्येंद्र जैन ने आगे कहा, "कोविड-19 के कारण होने वाली मृत्यु को कम करने के लिए कोरोना वायरस के मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा दी गई और प्लाज्मा थेरेपी की गई। कोरोना संक्रमण के लक्षणों (Covid-19 Symptoms) और जांच को लेकर लोगों को जागरुक किया गया। बड़े स्तर पर कोरोना जांच कराने के लिए जागरुकता अभियान दिल्ली के भीतर चलाए गए।"