
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 26, 2020 9:16 AM IST
Over 1.1 lakh samples are tested per day at 612 labs in India: ICMR.
Covid-19 Infection Spread: कोविड-19 इंफेक्शन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात सामने आयी है। दरअसल, वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) से संक्रमित व्यक्ति से 11 दिनों के बाद संक्रमण दूसरों को फैलने का ख़तरा नहीं होता। जी हां, इन एक्सपर्ट्स के अनुसार कोविड इंफेक्शन (Covid-19 Infection) से संक्रमित व्यक्ति 11 दिन के बाद इंफेक्शन नहीं फैलाते। फिर, भले ही उसे अगले दिन कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) घोषित कर दिया जाए। हाल ही में सिंगापुर नेशनल सेंटर फॉर इंफेक्शियस डिज़िज़ेज़ एंड अकेडमी ऑफ मेडिसीन द्वारा आयोजित एक स्टडी पेपर में इस बात का दावा किया गया। (Covid-19 Infection spread in hindi)
कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 Infection)ने दुनियाभर में लोगों को अपनी चपेट में लिया है और कई लाख लोगों को इसकी वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है। लोगों को एक-दूसरे से संक्रमण फैलने की बातें अभी तक कही जा रही थीं। जिसके चलते दुनिया भर में सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) और लॉकडाउन जैसी सावधानियां उठायी जा रही हैं।
जैसा कि अभी तक एक्सपर्ट्स यही कहते आए हैं कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होता है, तो उससे यह संक्रमण दूसरे लोगों तक भी फैल सकता है। पहले एक्सपर्ट्स ने भी यही कहा था कि, भले ही किसी व्यक्ति में लक्षण थोड़ी देर से दिखायी पड़े। लेकिन, कोविड इंफेक्शन के लक्षण दिखने से 2 दिन पहले से ही कोरोना पीड़ित व्यक्ति दूसरों को संक्रमित कर सकता है।
सिंगापुर नेशनल सेंटर फॉर इंफेक्शियस डिज़िज़ेज़ द्वारा आयोजित इस स्टडी में 73 कोरोना पीड़ित लोगों पर ध्यान दिया गया। स्टडी के दौरान साइंस्टिस्ट ने देखा कि 11 दिन के बाद कोरोना वायरस को आइसोलेट या कल्चर्ड नहीं किया जा सकता है। दरअसल, वैज्ञानिकों के मुताबिक, स्टडी के दौरान पाया गया कि कोरोना मरीजों में इंफेक्शन के लक्षण (Symptoms of Covid-19 Infection) दिखने के बाद के पहले 7 -10 दिनों तक ही इंफेक्शन फैलाने की क्षमता होती है। क्योंकि, इस स्टडी के मुताबिक 7 दिन के बाद ही कोरोना पीड़ित व्यक्ति के शरीर में सक्रिय वायरल रेप्लिकेशन कम होने लगते हैं। जिसके कारण उस व्यक्ति के संक्रमण फैलाने की संभावना कम हो जाती है। (Covid-19 Infection)
गौरतलब है कि किसी व्यक्ति को कम से कम 2 बार टेस्ट करने और उसके परिणामों के आधार पर ही कोरोना नेगेटिव साबित किया जाता है। अमेरिका जैसे बड़े देशों में भी अभी तक यही तकनीक अपनायी जा रही है। जहां कोरोना वायरस के 2 टेस्ट नेगेटिव होने के बाद ही मरीज़ को पूरी तरह ठीक होने की बात कही जाती है। लेकिन, इस नयी स्टडी के मुताबिक, मरीज़ 11 दिन के बाद दूसरों के लिए ख़तरा नहीं होते और डॉक्टर उन्हें जल्दी घर जाने की अनुमति भी दे सकते हैं।