Covid-19 Cases in Mumbai: मॉनसून में बढेंगे मुंबई में कोविड-19 के मामले, एक्सपर्ट्स ने किया दावा

महाराष्ट्र और मुंबई को कोरोना से जल्द राहत मिलना मुश्किल दिखायी पड़ रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स का दावा है कि  मुंबई में बरसात का मौसम शुरु होने के बाद कोविड-19 के मामले बढ़ सकते हैं। (Covid-19 Cases in Mumbai in hindi) 

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 16, 2020 4:15 PM IST

Covid-19 Cases in Mumbai:  महाराष्ट्र राज्य को कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) ने सबसे अधिक प्रभावित किया है। सोमवार को अकेले राज्य की राजधानी मुंबई में कोरोना के 1,066 नए मामलों का पता चला। अब शहर में कोविड-इंफेक्टेड लोगों की कुल संख्या 59,201 हो गई है। कोविड संक्रमण से 24 घंटे में 178 मरीजों की मृत्यु हो गयी। अब तक मुंबई में कुल 2250 लोगों की मृत्यु कोविड की वजह से हो गयी। एक राहतभरी ख़बर यह है कि राज्य में अब तक 56,049 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। लेकिन,  महाराष्ट्र और मुंबई को कोरोना से जल्द राहत मिलना मुश्किल दिखायी पड़ रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स का दावा है कि  मुंबई में बरसात का मौसम शुरु होने के बाद कोविड-19 के मामले बढ़ सकते हैं। (Covid-19 Cases in Mumbai in hindi)

क्या मॉनसून में बढ़ेगा मुंबई में कोराना का प्रकोप:

अब अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात का मौसम शुरु होने के बाद मुंबई में कोरोना वायरस के नये मामले सामने आएंगे। दरअसल, आईआईटी मुंबई (IIT-B) की एक रिपोर्ट सामने आयी है जिसमें, अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून के साथ ही शहर में कोरोना का संक्रमण और तेजी से बढ़ सकता है। इस रिपोर्ट के अनुसार हवा में ह्यूमिडिटी अर्थात नमी बढ़ने पर कोरोना वायरस (Coronavirus) के सर्वाइवल की अवधि बढ़ सकती है। इसका अर्थ है कि कोरोना के वायरस ज़्यादा समय तक हवा में मौजूद रहेंगे। (Covid-19 Spread)

इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले आईआईटी मुंबई के दो प्रोफेसर्स रजनीश भारद्वाज और अमित अग्रवाल का दावा है कि, गर्म तापमान के कारण खांसी या छींक की वजह से हवा में घुली छोटी बूंदें (Covid-19 Droplets) जल्द सूख जाती हैं। लेकिन, बरसात के मौसम में जैसा कि हवा में  नमी ज़्यादा रहेगी। इसीलिए, इन ड्रॉपलेट्स को सूखने में अधिक समय लगेगा। जिसके चलते यह अधिक समय तक हवा में एक्टिव रहेंगे और लोगों को संक्रमण (Covid Infection) हो सकता है।

आईआईटी-मुंबई की रिपोर्ट में किया गया दावा:

मुंबई में 14 मई से 31 मई तक कोविड के मामले पीक पर थे। उस समय जिन लोगों को इंफेक्शन हुआ उनमें से बहुत से लोगों की मृत्यु हो चुकी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब अनलॉक 1 चल रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस अनलॉकिंग बाद महानगर में कोरोना के मामलों में दोबारा तेज़ी आएगी। इसीलिए, लोगों को सरकार, प्रशासन और डॉक्टरों का सहयोग करना चाहिए। ताकि, सब मिलकर इस महामारी का सामना कर सकें। (Covid-19 Cases in Mumbai)

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