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Written By: Anshumala | Updated : May 23, 2020 2:03 PM IST
सबएक्यूट थायरॉयडिटिस रोग का कारण बन सकता है कोविड-19, जानें इस बारे में।© Shutterstock.
Subacute Thyroiditis in corona patient: कोरोनावायरस से ठीक होने के बाद भी लोगों में कई तरह की शारीरिक समस्याओं के होने का खतरा बना हुआ है। हाल ही में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कोरोना से जंग जीत चुके लोगों को खास सतर्क रहना होगा, क्योंकि उनमें अभी भी कई तरह के रोगों के होने की संभावना बनी हुई है। हृदय संबंधित समस्याएं, मांसपेशियों में तकलीफ, फेफड़ों में परेशानी और साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर, अनिद्रा (insomnia), डिप्रेशन, ईटिंग डिसऑर्डर जैसी परेशानियां कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीजों को हो सकती हैं। ये बात एक अध्ययन में कही गई है।
दरअसल, चीन में कुछ मरीजों में ठीक होने के बाद ऐसी समस्याएं देखने को मिली हैं। इधर, एक नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस एक दुर्लभ जटिलता, सबएक्यूट थायरॉयडिटिस (subacute thyroiditis) का कारण भी बन सकता है। इटली में एक महिला को सबएक्यूट थायरॉयडिटिस होने का पता चला, जिसका डॉक्टरों ने इलाज किया है। इसे कोविड-19 (COVID-19) से जुड़ा पहला दुर्लभ और ज्ञात मामला बताया जा रहा है। सबएक्यूट थायरॉयडिटिस की शुरुआती (Thyroid problem in corona patient) वजह कोरोनावायरस इंफेक्शन (Coronavirus infection) हो सकता है।
सबएक्यूट थायरॉयडिटिस थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid gland) की एक दर्दनाक सूजन (Swelling) है, जो वायरल संक्रमण (Viral Infection) द्वारा होता है। डॉक्टर के अनुसार, जिस महिला में यह समस्या पाई गई, उसकी उम्र 18 वर्ष है। उसे कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया था और इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हो चुकी थी। बाद में महिला को सबएक्यूट थायरॉयडिटिस (subacute thyroiditis) होने का पता चला। हालांकि, कोविड-19 से संबंधित इस लक्षण और अन्य किसी भी तरह के लक्षणों और रोगों के बारे में चिकित्सकों को सचेत किया जाना जरूरी है।
महिला के ठीक होने के बाद, उसके गर्दन और थायरॉइड (Thyroid problem in corona patient) में दर्द, बुखार और टैचीकार्डिया (tachycardia) का अनुभव होने लगा। जांच करने के बाद पता चला कि उस महिला को सबएक्यूट थायरॉयडिटिस है। डॉक्टर के अनुसार, क्रोनोलॉजिकल जुड़ाव के कारण सार्स-कोव-2 (SARS-CoV-2) को सबएक्यूट थायरॉयडिटिस की शुरुआत के लिए जिम्मेदार (Subacute Thyroiditis in corona patient) माना जा सकता है।
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सबएक्यूट थायरॉयडिटिस सबसे अधिक 20 से 50 वर्ष की महिलाओं में देखा जाता है। इसमें आमतौर पर बुखार, गर्दन, जबड़े या कान में दर्द होता है। इसके लक्षण कुछ दिनों के बाद ठीक होते हैं। एक अंडरएक्टिव थायरॉयड ग्लैंड के लक्षण (Thyroid problem in corona patient) हफ्तों या महीनों भर नजर आ सकते हैं, जब तक कि ग्लैंड पूरी तरह से ठीक ना हो जाए।
यदि लक्षण गंभीर बने रहते हैं, तो थायरॉइड की सूजन (Thyroid swelling) एकतरफा होती है और इस स्थिति में आपको बुखार रहता है, आप अस्वस्थ महसूस करते हैं, तो आपको संक्रामक थायरॉयडिटिस (infectious thyroiditis) हो सकता है। इस स्थिति को आमतौर पर बीटा-ब्लॉकर्स, ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं जैसे आईबुप्रोफेन देकर ठीक किया जाता है। कुछ लोगों में यह स्थिति दोबारा से हो सकती है या लो थायरॉइड हार्मोन का स्तर स्थायी हो सकता है, जिसका मतलब है कि आपको दीर्घकालिक (Long-term) थायरॉइड हार्मोन रिप्लेसमेंट दवा की आवश्यकता होगी।