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Written By: Anshumala | Updated : May 11, 2020 5:04 PM IST
Vitamin D is known to protect against acute respiratory infections. © Shutterstock.
Corona & Vitamin D: विटामिन डी (Vitamin D) शरीर के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से ना सिर्फ हड्डियों की बीमारियां होती हैं, बल्कि कोरोनावायरस से मृत्यु होने का खतरा बढ़ जाता है। जी हां, कोरोनावायरस के मामलों और विटामिन डी की कमी (Vitamin d Deficiency) होने के बीच गहरा संबंध होने के बारे में शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है। एक शोध में यह बात सामने आई है कि व्हाइट ब्लड सेल्स के कार्य को काफी हद तक विटामिन डी (Corona & Vitamin D) नियंत्रित करता है। विटामिन डी व्हाइट ब्लड सेल्स (White Blood Cells) को साइटोकाइन्स (Cytokines) नाम की कोशिकाओं को शरीर में बढ़ने नहीं देता है। यह कोशिका कोरोनावायरस के मरीजों (Coronavirus patient) में तेजी से बढ़ते हैं।
अमेरिका, स्पेन, इटली जैसे देशों में कोविड-19 (Covid-19) का प्रसार काफी तेजी से हुआ है। शोध में कहा गया है कि स्पेन और इटली में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की मात्रा काफी कम है। इसकी वजह है सदर्न यूरोप (southern europe) में सूरज की किरणों की कमी। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को पर्याप्त सूरज की रोशनी नहीं मिल पाती है। इसमें बुजुर्गों की संख्या अधिक है। सबसे अधिक विटामिन डी नॉर्दर्न यूरोप (northern europe) में पाया गया है। शोध में बताया गया है कि नॉर्दर्न यूरोप में रहने वाले लोग लिवर ऑयल और विटामिन डी सप्लीमेंट्स का सेवन अधिक करते हैं, इसलिए यहां रहने वालों में विटामिन डी का लेवल अधिक होता है।
शोध के अनुसार, कोविड-19 से संक्रमित लोगों में सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोग थे और इनमें विटामिन डी की भारी (Coronavirus & Vitamin D) कमी थी। शोध में यूरोपियन देशों में हुए मौत के अंकड़े निकाले गए, तो पता चला कि जिन लोगों की मौत कोरोनावायरस से हुई है, उनमें विटामिन डी की भारी कमी थी। शोधकर्ताओं के अनुसार, विटामिन डी ना सिर्फ हड्डियों को मजबूती देता है, बल्कि सांस से संबंधित इन्फेक्शन से भी बचाता है। जिन बुजुर्गों में विटामिन डी की कमी थी, वे कोरोनावायरस से सबसे अधिक प्रभावित पाए गए हैं। शोध में यह भी कहा गया है कि यूरोपियन देशों में रहने वाले लगभग 75 प्रतिशत लोगों में विटामिन डी की कमी है।
क्या विटामिन-D से कोरोना वायरस का कर सकते हैं बचाव? जानें क्या है सच
विटामिन डी कई रोगों से बचाए रखता है। थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, हड्डियों में होने वाली तकलीफ और डिप्रेशन से बचाता है विटामिन डी। बढ़ती उम्र से शरीर में होने वाले बदलावों से विटामिन डी सुरक्षित रखता है। हालांकि, विटामिन डी की गोलियां खाने से बेहतर है कि आप कम उम्र से ही विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। बहुत ज्यादा किसी भी तरह के सप्लीमेंट्स का सेवन सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। लंदन में हुए एक शोध के अनुसार, विटामिन डी सांस की नली में होने वाले इंफेक्शन से बचाता है।
1. विटामिन डी प्राप्त करने का सबसे मुख्य स्रोत है धूप लेना। सूर्य की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है। दोपहर की कड़ी धूप नुकसान पहुंचाती है। आप सुबह में धूप सेंके। इससे स्किन डिजीज होने का खतरा भी कम हो जाता है।
2. मछली में आप साल्मन और टुना मछली खाएं। शरीर में विटामिन डी (Vitamin D rich foods) की कमी दूर होगी। इसके अलावा, अंडा भी डायट में शामिल कर सकते हैं।
3. दूध, दही और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स में भी विटामिन डी भरपूर होता है। हर दिन दूध पिएं, एक कटोरी दही खाएं। बच्चों की हड्डियों और दांतों को मजबूती देने के लिए दूध-दही जरूर दें।
4. कॉड लिवर में विटामिन डी इतना होता है कि इसके सेवन से हड्डियों की कमजोरी दूर होगी।
5. गाजर में भी विटामिन डी होता है। गाजर का जूस पीने से शरीर में विटामिन डी की पूर्ति होती है।
6 इनके अलावा आप विटामिन डी के लिए टोफू, मशरूम, संतरे का जूस, भिंडी, केल, पालक, सार्डिन फिश, पनीर, चीज, सोयाबीन आदि का सेवन कर सकते हैं।