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Written By: Jitendra Gupta | Published : March 31, 2022 5:41 PM IST
कोविड और फ्लू एक साथ तो जान जाने का खतरा दोगुना, स्टडी में बताया क्यों इतना खतरनाक है ये मिश्रण
एक व्यक्ति को कितनी बार कोविड हो सकता है, अभी भी लोग इस सवाल के जाल में उलझे हुए हैं। वैज्ञानिक इस बात का भी पता लगाने की कोशिश में जुटे हुए हैं कि कैसे कोविड दूसरे वायरस से होने वाली बीमारी के साथ रिएक्ट करता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि वे व्यक्ति, जिन्हें कोविड और फ्लू दोनों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया जाता है उन्हें गंभीर रूप से बीमार होने और संक्रमण के कारण जान गंवाने का जोखिम दोगुना होता है। द लांसेट में प्रकाशित एक शोध में इस बात की जानकारी सामने आई है।
यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल और यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग द्वारा कराए गए इस शोध में तीन लाख से ज्यादा अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों का अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि करीब 7 हजार लोगों को श्वास संबंधी वायरल हुआ, जिसमें से 227 मरीजों को एक साथ कोविड और सीजनल फ्लू हुआ था।
इसके अलावा, जिन लोगों को कोविड और फ्लूदोनों हुआ था उन्हें अस्पताल में रहते वक्त 4 गुना तक वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी थी और इन्हें सिर्फ कोविड हुए मरीजों की तुलना में मरने का खतरा भी 2.4 फीसदी ज्यादा था।
अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल में आउटब्रेक मेडिसिन के प्रोफेसर कैल्म सेंपल ने सोमवार को बताया था कि सीजनल श्वास संबंधी वायरस के मामलों के बढ़ने पर लोगों में कोविड के भी हल्के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसलिए लोगों के एक साथ फ्लू और कोविड होने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है।
ये शोध कोविड और दूसरी श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा अध्ययन है।
शोधकर्ता इस बात को भी लेकर हैरान थे कि फ्लू और कोविड वायरस दोनों से संक्रमित व्यक्तियों को मरने का जोखिम भी दोगुना था और संख्या भी। शोधकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि ये अध्ययन किसी भी देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को फ्लू के सीजनके लिए तैयार होने में मदद करेगा।
अध्ययन में ये भी कहा गया कि एक साथ दोनों तरह का संक्रमण होना बहुत ज्यादा सामान्य नहीं है लेकिन मरीजों को फ्लू का टेस्ट कराना चाहिए ताकि बीमारी को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सके। इस अध्ययन में ये भी जोर देकर कहा गया कि कोविड वैक्सीन और सीजन फ्लू शॉट्स लगवाने चाहिए, जिन्हें जरूरत है।