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Written By: Pallavi Kumari | Published : April 26, 2022 3:32 PM IST
भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drugs Controller General of India ) ने बच्चों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखते हुए 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए भारत बायोटेक के कोवैक्सिन के उपयोग को सहमति दे दी है। इसके बारे में स्वास्थ्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट करके जानकारी दी है। स्वास्थ्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि 6 से 12 आयुवर्ग के लिए कोवैक्सीन (Covaxin) और 5 से 12 साल के लिए कॉर्बेवैक्स (Corbevax) और 12 से ऊपर के आयुवर्ग के लिए 'ZyCoV-D' की 2 डोज को मंजूरी दी गई है।
बता दें कि DCGI ने वैक्सीन निर्माता को प्रतिकूल घटनाओं के डेटा सहित सुरक्षा डेटा को पहले दो महीनों के लिए हर 15 दिनों में उचित विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके बाद भारत बायोटेक को 5 महीने तक मासिक डेटा जमा करने को कहा गया है।
भारत की कोविड से लड़ाई अब और अधिक मज़बूत @CDSCO_INDIA_INF ने
>6 से <12 आयुवर्ग के लिए 'Covaxin' >5 से <12 आयुवर्ग के लिए 'Corbevax' 12 से ऊपर के आयुवर्ग के लिए 'ZyCoV-D' की 2 डोज को 'Restricted Use in Emergency Situations' की मंज़ूरी दी है। — Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) April 26, 2022
भारत बायोटेक के कोवैक्सीन वैक्सीन को पूरी तरह से निष्क्रिय वेरो सेल-व्युत्पन्न प्लेटफॉर्म तकनीक का उपयोग करके विकसित किया गया है। निष्क्रिय टीके दोहराए नहीं जाते हैं और इसलिए उनके वापस लौटने और रोग संबंधी प्रभाव पैदा करने की संभावना नहीं है। उनमें मृत वायरस होते हैं, जो लोगों को संक्रमित करने में असमर्थ होते हैं, लेकिन फिर भी इम्यून सिस्टमको इंफेक्शन के खिलाफ रक्षात्मक प्रतिक्रिया को माउंट करने का निर्देश देने में सक्षम होते हैं।
डीसीजीआई की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने 5-12 साल की उम्र के बच्चों में बायोलॉजिकल ई के कॉर्बेवैक्स के इस्तेमाल की सिफारिश के लगभग एक हफ्ते बाद यह बात सामने आई है। बायोलॉजिकल ई लिमिटेड, कॉर्बेवैक्स वैक्सीन के खिलाफ भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन (RBD) प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन था। डीसीजीआई ने इससे पहले 28 दिसंबर को वयस्कों में आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए कॉर्बेवैक्स को मंजूरी दी थी और बच्चों में इसे लेकर मंजूरी दे दी है।
हालांकि, इस आबादी के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करने के लिए टीकाकरण पर सरकार के विशेषज्ञ निकाय द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान में, भारत 12-14 वर्ष आयु वर्ग के लिए कॉर्बेवैक्स (Corbevax) और किशोर आबादी के लिए कोवैक्सीन (Covaxin) का उपयोग कर रहा है।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर को, भारत द्वारा दुनिया के सबसे बड़े वयस्क कोविड -19 टीकाकरण अभियान में से एक को शुरू करने के एक साल से भी कम समय के बाद, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 15-18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए टीकाकरण की घोषणा की थी। अब जब बच्चों में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है तो इन वैक्सीन के इस्तेमाल को सहमति देना, बच्चों को कोरोना से बचाने की तरह एक जरूरी कदम है।