Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Covaxin के फाइनल ट्रायल के नतीजे हुए जारी, 81% प्रभावित निकली वैक्सीन

भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन (Bharat biotech Covaxin) के फेज 3 क्लिनिकल ट्राय के नतीजे जारी कर कहा कि वैक्सीन पूरी 81 प्रतिशत तक प्रभावित है।

Covaxin के फाइनल ट्रायल के नतीजे हुए जारी, 81% प्रभावित निकली वैक्सीन
ट्रायल में ये भी साफ हो गया है कि कोवैक्सीन कोरोना के नए वेरिएंट के खिलाफ भी कारगार है।

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : March 4, 2021 12:07 PM IST

वर्तमान में भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ 2 वैक्सीन दी जा रही हैं। पहली भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन (Bharat Biotech Covaxin) और दूसरी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड वैक्सीन। अभी तक कोवैक्सीन के फाइनल क्लिनिकल ट्रायल (Covaxin final clinical trial) के नतीजे नहीं आए थे इसलिए इसे केवल इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली थी। लेकिन अब भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन के फाइनल नतीजे जारी कर लोगों का वैक्सीन पर और भी ज्यादा विश्वास बढ़ा दिया है। बीते बुधवार को भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन के फेज 3 क्लिनिकल ट्राय के नतीजे जारी कर कहा कि वैक्सीन पूरी 81 प्रतिशत तक प्रभावित है। इस ट्रायल में कुल 25,800 वॉलंटियर्स शामिल थे। बताया जा रहा है कि इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च के सहयोग से ये आज तक का भारत में हुआ सबसे बड़ा ट्रायल है।

कोरोना के नए वेरिएंट के खिलाफ भी कारगार है कोवैक्सीन (Covaxin for corona new strain)

ICMR के महानिदेशक का कहना है कि कोवैक्सीन को 8 महीने से भी कम समय में तैयार किया गया है। इससे भारत की आत्मनिर्भर की सही तस्वीर पेश होती है। भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर कृष्णा एल्ला का कहना है कि वैक्सीन के ट्रायल में कुल 27 हजार वॉ​लंटियर्स शामिल थे। ट्रायल में ये भी साफ हो गया है कि कोवैक्सीन कोरोना के नए वेरिएंट (Covaxin for corona new strain) के खिलाफ भी कारगार है।

coronavirus vaccine

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Also Read

More News

कोवैक्सीन को लेकर विशेषज्ञों के निशाने पर थी सरकार

क्योंकि बिना फाइनल क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे आए हुए कोवैक्सीन को इमेंरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलने से भारत बायोटेक की कोवैक्सीन अभी तक विशेषज्ञों और विपक्ष के निशाने पर रही है। हर कोई यही कह रहा था कि यदि वैक्सीन से किसी की जान को नुकसान हो गया तो आखिर कौन जिम्मेदार होगा? लेकिन अब वैक्सीन के फाइनल नतीजों से सबका मुंह बंद कर दिया है। हालांकि इससे पहले भी कई रिसर्च और एक्सपर्ट का पैनल ये साफ कर चुका था कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और इससे कोई गंभीर साइड इफेक्ट होने का खतरा नमात्र है। साथ ही 1 मार्च से शुरू हुए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के दूसरे चरण के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद वैक्सीन लगाकर वैक्सीन पर उठ रहे सवालों को खत्म कर दिया था।