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Covid-19 Vaccination In India: ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने देशवासियों को कोरोना वैक्सीन का 'तोहफा' दे दिया है। डीसीजीआई ने रविवार को भारत की दो कोरोना वैक्सीन- कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशील्ड (Covishield) के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे दी है। डीसीजीआई की ओर से रविवार को हुई एक प्रेसवार्ता में सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। इस पर देश के स्वास्थ मंत्री समेत वैक्सीन निर्माताओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कई बड़ी बातें कही हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को कहा कि दो कोरोनोवायरस वैक्सीन को आपात उपयोग के लिए मंजूरी देना इस वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण क्षण है। भारत में 30 जनवरी को कोरोनावायरस के पहले मामले का पता चलने के ग्यारह महीने बाद, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) एल. सोमानी ने रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के 'कोविशील्ड' वैक्सीन और भारत बायोटेक के 'कोवैक्सीन' को आपात उपयोग के लिए मंजूरी दे दी, जिससे टीकाकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया।
वर्धन ने ट्वीट में लिखा, माननीय पीएम नरेंद्र मोदी जी के करिश्माई नेतृत्व में कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में यह एक अहम क्षण है। उन्होंने कहा कि ये टीके कोरोना योद्धाओं के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, अब वैक्सीन के त्वरित और समान वितरण के लिए मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और बुनियादी ढांचे के लाभ को प्राप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे टीकों की सुरक्षा, प्रभावकारिता और प्रतिरक्षण क्षमता के लिए निश्चिंत रहें। उन्होंने पहले लोगों से वैक्सीन के खिलाफ अफवाहों पर विश्वास न करने के लिए कहा था।
भारत के सीरम इंस्टीट्यूट (एसआईआई) के सीईओ अडार पूनावाला ने भी कहा कि आने वाले हफ्तों में भारत का पहला कोविड-19 वैक्सीन उपयोग के लिए तैयार हो जाएगा। पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन निर्माण के लिए उन्होंने जो जोखिम लिया था, वो सही साबित हुआ।
कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीके दो बार लेने पड़ते हैं और इसे 2-8 डिग्री सेल्सियस पर रखा जा सकता है।
यह भारत के लिए एक बड़ी राहत है, जो अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरा सबसे अधिक संक्रमण वाला देश है। केंद्र सरकार ने अगले छह से आठ महीनों में अभियान के पहले चरण में लगभग 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने की योजना बनाई है।
भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने कहा, आपातकालीन उपयोग के लिए कोवैक्सीन को मंजूरी राष्ट्र के लिए एक गर्व का क्षण है और भारत की वैज्ञानिक क्षमता में एक बड़ा मील का पत्थर है। ये वैक्सीन इस महामारी के दौरान एक जरूरी चिकित्सा आवश्यकता को पूरा करेगी, लेकिन हमारा लक्ष्य इसे जन जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि कोवैक्सीन कई वायरल प्रोटीनों के लिए मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया देता है।
डॉ. एला ने कहा, कोवैक्सीन का विकास वास्तव में सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ भारत बायोटेक, आईसीएमआर, एनआईवी के बीच एक निजी साझेदारी है। हम इस परियोजना में दूरदर्शी नेतृत्व के लिए आईसीएमअर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव को तहे दिल से धन्यवाद देते हैं।
कोवैक्सीन दो बार लेने वाली एक वैक्सीन है, जिसका 300 मिलियन से अधिक खुराक का निर्माण सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया गया है।
केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के. विजयराघवन ने कहा कि टीकाकरण जल्द ही शुरू होगा। यह वैज्ञानिकों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, सरकारी एजेंसियों, नियामकों, स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है।